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जांच टीम के सामने प्रधान और जिलापंचायत सदस्य पति भिड़े
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:16 AM IST
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सिकरारा । प्रधानमंत्री आवास की जांच करने बुधवार को पहुंची टीम के सामने ही ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य पति भिड़ गए। दोनों पक्षों में जमकर हाथा पाही हुई। दोनों के मारपीट के बीच कार्यवाही रजिस्टर भी किसी ने फाड़ दिया। एक दूसरे के विरुद्ध दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी है।
विशुनपुर गांव निवासी व जिला पंचायत सदस्य कुसुम कनौजिया ने बीडीओ प्रीति तिवारी के यहाँ लिखित शिकायत किया था कि उनके गांव के प्रधान वीरेंद्र यादव ने गांव के रामदुलार यादव को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए है। जबकि उनके पास पक्का मकान हैं। उन्होंने अपात्र को आवास आवंटित करने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत पर बीडीओ ने एडीओ आइएसबी अरुण पांडेय एडीओ समाजकल्याण मिथिलेश दूबे व वीडीओ उमेश सोनकर को आवास की जांच के लिए भेजा। जांच टीम गांव पहुँच कर सभी ग्राम सभा के सदस्यों व अन्य ग्रामीणों के समक्ष जांच कार्यवाही आरम्भ की। जिस पक्के मकान में लाभार्थी रामदुलार यादव के शेयर की शिकायत की गई थी। उसके मालिक ने इंद्रपाल पुत्र स्व विश्वनाथ ने जांच टीम के सामने हलफनामे की कापी दिखाते हुए किसी और के शेयर न होने की बात बताई। इस बीच प्रधान और जिपं सदस्य के पति फुर्तीलाल कनौजिया के बीच हाथा पाही ,गाली गलौज शुरू हो गई। प्रधान ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत सदस्य के पति अपने 150 समर्थकों के साथ जांच टीम पर दबाव बनाते हुए जबरन आवास आवंटन रद्द कराने पर आमादा थे। जबकि उसका चयन 2012 के बेस लाइन सर्वे में नाम होने व उसके बेटे बहु के विकलांग रहने के चलते पात्रता की वजह से था। इस मामले में अभी तक पुलिस ने केेस दर्ज नहीं किया है।
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विशुनपुर गांव निवासी व जिला पंचायत सदस्य कुसुम कनौजिया ने बीडीओ प्रीति तिवारी के यहाँ लिखित शिकायत किया था कि उनके गांव के प्रधान वीरेंद्र यादव ने गांव के रामदुलार यादव को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए है। जबकि उनके पास पक्का मकान हैं। उन्होंने अपात्र को आवास आवंटित करने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत पर बीडीओ ने एडीओ आइएसबी अरुण पांडेय एडीओ समाजकल्याण मिथिलेश दूबे व वीडीओ उमेश सोनकर को आवास की जांच के लिए भेजा। जांच टीम गांव पहुँच कर सभी ग्राम सभा के सदस्यों व अन्य ग्रामीणों के समक्ष जांच कार्यवाही आरम्भ की। जिस पक्के मकान में लाभार्थी रामदुलार यादव के शेयर की शिकायत की गई थी। उसके मालिक ने इंद्रपाल पुत्र स्व विश्वनाथ ने जांच टीम के सामने हलफनामे की कापी दिखाते हुए किसी और के शेयर न होने की बात बताई। इस बीच प्रधान और जिपं सदस्य के पति फुर्तीलाल कनौजिया के बीच हाथा पाही ,गाली गलौज शुरू हो गई। प्रधान ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत सदस्य के पति अपने 150 समर्थकों के साथ जांच टीम पर दबाव बनाते हुए जबरन आवास आवंटन रद्द कराने पर आमादा थे। जबकि उसका चयन 2012 के बेस लाइन सर्वे में नाम होने व उसके बेटे बहु के विकलांग रहने के चलते पात्रता की वजह से था। इस मामले में अभी तक पुलिस ने केेस दर्ज नहीं किया है।
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