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वायरल बुखार के हमले से हर कोई परेशान
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:40 PM IST
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जौनपुर। मौसम का उतार-चढ़ाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। उमस और गर्मी भरे मौसम के चलते बुखार, उल्टी-दस्त, खांसी आदि से परेशान रोगियों की संख्या बढ़ी है। बरसात के बाद पानी दूषित होने के चलते वायरल फीवर फैला हुआ है और मच्छरों की भरमार के चलते मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालत यह है कि ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़कर तकरीबन 1100 से 1200 तक पहुंच गई है। जबकि आम दिनों में यह संख्या 900 तक रहती है। जिले में डेंगू के भी चार मरीज मिले हैं।
जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह ओपीडी में आने वाले मरीजों पर नजर डाले तो मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शनिवार को 1137 मरीज ओपीडी में आए। जिसमें से 250 लोग डायरियां, वायरल बुखार, खांसी एवं सिर दर्द से पीड़ित थे। मरीजों की संख्या बढ़ने से हर रोज सात से आठ मरीज भर्ती हो रहे है। सबसे अधिक मरीज वायरल बुखार, जुकाम, खांसी, उल्टी-दस्त , पेट दर्द, सिर दर्द से पीड़ित रह रहे हैं। जिला अस्पताल एवं सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के नमूने लेकर बीएचयू जांच के लिए भेजा जा रहा है। पिछले आठ दिनों में डेंगू के जिले भर में तकरीबन 35 नमूने भेजें गए है। बुखार, डायरियां एवं अन्य वायरल बीमारियों की चपेट में आने वाले मरीजों के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पिछले तीन दिनों में डायरिया के 16 एवं बुखार के 22 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए है। फीजिशियन डाक्टर आरपी यादव का कहना है मौसम में बदलाव, मच्छरों के हमले, प्रदूषित जल, गंदगी की वजह से लोग संक्रमित हो रहे है। अमूमन बुखार तीन से सात दिन रहता है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति कमजोर हो जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रामजी पांडेय का कहना है कि वायरल बीमारियां फैल रही हैं। जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये गए है। मलेरिया या डेंगू की आशंका होने पर रक्त के नमूने जांच के लिए भेजने को कहा गया है। हकीकत यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास बीमारियों से निपटने के भरपूर इंतजाम नहीं है। डाक्टरों की कमी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जूझ रहे है। शनिवार को बक्शा इलाके के लोगों ने डाक्टर की तैनाती की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण अंचल में डाक्टरोभ की कमी की वजह से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन जिला अस्पताल भी डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है।
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जौनपुर। जिले में डेंगू के छह रोगियों की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने 35 रोगियों के नमूने जांच के लिए बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान भेजा था, जिसमें चार की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। उधर, शनिवार को मुंगराबादशाहपुर में दो और लोगों के डेंगू के चपेट में आने की पुष्टि हुई है। वर्ष 2017 में डेंगू के 51 मरीज जिले में मिले थे।
जिले के अस्पतालों में पहली बार चार मामलों में रिपोर्ट पाजिटिव पाया गया है। 2018 में कुल 41061 मरीजों की मलेरिया स्लाइड बनाई गई थी, जिसमें 65 की बीमारी की पुष्टि हुई थी। किसी मरीज में भी डेंगू के लक्षण नहीं मिले थे। सितंबर माह में डेंगू के लक्षण वाले मरीज अस्पतालों में आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों से बचाव के लिए फागिंग नहीं कराई और न ही डेंगू से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मुंगराबादशाहपुर के नईगंज मुहल्ले में डेंगू से पीड़ित दो रोगी मिले हैं। पीड़ितों को इलाज के लिए इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पप्पू कसौधन के पुत्र शिवम (8) और आनंद केसरी की पत्नी रूपा (36) के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। उनका उपचार इलाहाबाद के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा है। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि जिले भर में हुए कैंप के दौरान 35 मरीजों का सैंपल जांच के लिए बीएचयू भेजा गया था। इसमें चार केस में पाजिटिव मिला है। जहां संभावित मरीज होने की शिकायतें आ रही हैं वहां डाक्टरों की टीम भेजकर निरोधात्मक कार्रवाई कराई जा रही है।
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जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह ओपीडी में आने वाले मरीजों पर नजर डाले तो मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शनिवार को 1137 मरीज ओपीडी में आए। जिसमें से 250 लोग डायरियां, वायरल बुखार, खांसी एवं सिर दर्द से पीड़ित थे। मरीजों की संख्या बढ़ने से हर रोज सात से आठ मरीज भर्ती हो रहे है। सबसे अधिक मरीज वायरल बुखार, जुकाम, खांसी, उल्टी-दस्त , पेट दर्द, सिर दर्द से पीड़ित रह रहे हैं। जिला अस्पताल एवं सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के नमूने लेकर बीएचयू जांच के लिए भेजा जा रहा है। पिछले आठ दिनों में डेंगू के जिले भर में तकरीबन 35 नमूने भेजें गए है। बुखार, डायरियां एवं अन्य वायरल बीमारियों की चपेट में आने वाले मरीजों के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पिछले तीन दिनों में डायरिया के 16 एवं बुखार के 22 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए है। फीजिशियन डाक्टर आरपी यादव का कहना है मौसम में बदलाव, मच्छरों के हमले, प्रदूषित जल, गंदगी की वजह से लोग संक्रमित हो रहे है। अमूमन बुखार तीन से सात दिन रहता है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति कमजोर हो जाता है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रामजी पांडेय का कहना है कि वायरल बीमारियां फैल रही हैं। जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये गए है। मलेरिया या डेंगू की आशंका होने पर रक्त के नमूने जांच के लिए भेजने को कहा गया है। हकीकत यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास बीमारियों से निपटने के भरपूर इंतजाम नहीं है। डाक्टरों की कमी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जूझ रहे है। शनिवार को बक्शा इलाके के लोगों ने डाक्टर की तैनाती की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण अंचल में डाक्टरोभ की कमी की वजह से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन जिला अस्पताल भी डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है।
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जौनपुर। जिले में डेंगू के छह रोगियों की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने 35 रोगियों के नमूने जांच के लिए बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान भेजा था, जिसमें चार की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। उधर, शनिवार को मुंगराबादशाहपुर में दो और लोगों के डेंगू के चपेट में आने की पुष्टि हुई है। वर्ष 2017 में डेंगू के 51 मरीज जिले में मिले थे।
जिले के अस्पतालों में पहली बार चार मामलों में रिपोर्ट पाजिटिव पाया गया है। 2018 में कुल 41061 मरीजों की मलेरिया स्लाइड बनाई गई थी, जिसमें 65 की बीमारी की पुष्टि हुई थी। किसी मरीज में भी डेंगू के लक्षण नहीं मिले थे। सितंबर माह में डेंगू के लक्षण वाले मरीज अस्पतालों में आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों से बचाव के लिए फागिंग नहीं कराई और न ही डेंगू से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मुंगराबादशाहपुर के नईगंज मुहल्ले में डेंगू से पीड़ित दो रोगी मिले हैं। पीड़ितों को इलाज के लिए इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पप्पू कसौधन के पुत्र शिवम (8) और आनंद केसरी की पत्नी रूपा (36) के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। उनका उपचार इलाहाबाद के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा है। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि जिले भर में हुए कैंप के दौरान 35 मरीजों का सैंपल जांच के लिए बीएचयू भेजा गया था। इसमें चार केस में पाजिटिव मिला है। जहां संभावित मरीज होने की शिकायतें आ रही हैं वहां डाक्टरों की टीम भेजकर निरोधात्मक कार्रवाई कराई जा रही है।