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इंसाफ की अद्वितीय मिसाल हैं हजरत उमर फारूक
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:26 AM IST
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जौनपुर। सहाबा कमेटी की ओर से हजरत उमर फारूक(र.अ.) की शहादत के सिलसिले में जलसे का आयोजन अटाला मस्जिद के सहन पर पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद की अध्यक्षता में किया गया।
इस मौके पर जलसे को संबोधित करते हुए हजरत मौलाना अब्दुल्ला सल्फी ने कहा कि हजरत उमर फारूक इंसाफ की अद्वितीय मिसाल हैं। आज ही के दिन दूसरे खलीफा हजरत उमर फारूक को अबु लूले मंजूसी ने शहीद किया था। उन्होंने कहा कि हजरत उमर फारूक वह शख्सियत हैं जिनके लिए अल्लाह के रसूल ने कहा है कि अगर हमारे बाद कोई नबी होता तो वह उमर होते। उन्होंने इंसाफ की ऐसी मिसाल कायम की है कि जिसे दुुनिया मिसाल देती है। वह ऐसे खलीफा थे कि जो रात के अंधेरे में अपनी जनता की खबर जानने के लिए मदीने की गलियों में गश्त करते थे। महात्मा गांधी ने भी कहा था कि हिंदुस्तान को उमर फारूक के तर्ज पर चलना चाहिए। अब्दुल रहमान ने नाते नबी पेश किया। मौलाना मुस्तकीम व मौलाना वसीम ने भी जलसे को संबोधित किया। संचालन नेयाज ताहिर शेखू ने किया। जलसे का आगाज कारी हाफिज मो. सलीम ने किया। इस मौके पर डा. हसीन बब्लू, अनवारुल हक, इरसाद मंसूरी, मजहर आसिफ, शकील मंसूरी, मो. ताबिस छोटू, रुखसार अहमद, अलीम सिद्दीकी, लालमोहम्मद राईन, कमालुद्दीन, जफर मसूद, कमाल आजमी, अनीस अहमद, हाजी अब्दूल अहद मुन्ने, जावेद महमूद आदि मौजूद थे।
इस मौके पर जलसे को संबोधित करते हुए हजरत मौलाना अब्दुल्ला सल्फी ने कहा कि हजरत उमर फारूक इंसाफ की अद्वितीय मिसाल हैं। आज ही के दिन दूसरे खलीफा हजरत उमर फारूक को अबु लूले मंजूसी ने शहीद किया था। उन्होंने कहा कि हजरत उमर फारूक वह शख्सियत हैं जिनके लिए अल्लाह के रसूल ने कहा है कि अगर हमारे बाद कोई नबी होता तो वह उमर होते। उन्होंने इंसाफ की ऐसी मिसाल कायम की है कि जिसे दुुनिया मिसाल देती है। वह ऐसे खलीफा थे कि जो रात के अंधेरे में अपनी जनता की खबर जानने के लिए मदीने की गलियों में गश्त करते थे। महात्मा गांधी ने भी कहा था कि हिंदुस्तान को उमर फारूक के तर्ज पर चलना चाहिए। अब्दुल रहमान ने नाते नबी पेश किया। मौलाना मुस्तकीम व मौलाना वसीम ने भी जलसे को संबोधित किया। संचालन नेयाज ताहिर शेखू ने किया। जलसे का आगाज कारी हाफिज मो. सलीम ने किया। इस मौके पर डा. हसीन बब्लू, अनवारुल हक, इरसाद मंसूरी, मजहर आसिफ, शकील मंसूरी, मो. ताबिस छोटू, रुखसार अहमद, अलीम सिद्दीकी, लालमोहम्मद राईन, कमालुद्दीन, जफर मसूद, कमाल आजमी, अनीस अहमद, हाजी अब्दूल अहद मुन्ने, जावेद महमूद आदि मौजूद थे।
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