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मुख्तार अंसारी के कॉन्ट्रैक्ट किलर्स पर दर्ज होगी प्राथमिकी!
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:24 AM IST
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जौनपुर। मुख्तार अंसारी व मुन्ना बजरंगी के नाम पर अलग-अलग मोबाइल से रंगदारी मांगने वाले खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश सीजेएम कोर्ट ने थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को दिया।
वादी संतोष निवासी पिलकिछा नकवी थाना खुटहन ने कोर्ट में दरखास्त दिया था कि 22 जून व 24 जून 2018 को मल्हनी बाजार में था। उस समय उसे अलग-अलग मोबाइल फोने से कई धमकी दी गई। धमकी देने वाले ने कहा कि सुधर जाओ वरना गोलियां बरसा कर शरीर छलनी कर देंगे। यह पूछने पर कि आप कौन बोल रहे हैं। उधर से भारी आवाज में व्यक्ति ने कहा कि तुम्हारी मौत बोल रहा हूं। मुन्ना बजरंगी और मुख्तार अंसारी का कांट्रेक्ट किलर हूं। चुपचाप पांच लाख रुपये पहुंचा दो, वर्ना मार दिए जाओगे। धमकी से वादी व उसका परिवार काफी डर गया। कहा कि किसी भी समय कोई अनहोनी घटना घट सकती है। अलग-अलग मोबाइल फोन से उसे यही धमकी दी गई। वादी ने मुख्यमंत्री, डीजीपी व पुलिस के अन्य उच्च अधिकारियों को दरखास्त देकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट में दरख्वास्त देकर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को आदेशित किया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करें।
थानाध्यक्ष समेत छह लूटपाट का वाद
जौनपुर। खेतासराय निवासी वेदार अहमद को आतंकवादी व हवाला कारोबारी दिखाकर काउंटर करने की धमकी देने, घर में घुसकर वादी को मारने पीटने व लूटपाट करने के आरोप में सीजेएम ने खेतासराय के पूर्व थानाध्यक्ष योगेंद्र सिंह व दो दरोगा समेत छह आरोपियों के खिलाफ वाद दर्ज किया है।
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वादी वेदार अहमद निवासी युनुसपुर, खेतासराय ने कोर्ट में अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम के माध्यम से दरखास्त दिया कि पड़ोसियों ने 30 मई 2018 को उसके बेटे पर प्राणघातक हमला किया था। उसके शरीर की हड्डियां टूट गई थीं, जिसका बीएचयू में इलाज किया गाय। तत्कालीन थानाध्यक्ष खेतासराय योगेंद्र सिंह ने हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसकी शिकायत उसने पुलिस के उच्चाधिकारियों से की। बाद में कोर्ट के आदेश पर धाराएं लगाई गईं। वादी की शिकायत पर थानाध्यक्ष योगेंद्र सिंह को एसपी ने निलंबित कर दिया। इसी बात से नाराज होकर 15 अगस्त 2018 को रात आठ बजे पुलिसकर्मी योगेंद्र सिंह,राजेश सिंह,विनोद सचान व अन्य पुलिसकर्मी उसके घर में घुस आए। उसको मारापीटा, तोड़फोड़ की और 80 हजार रुपये व गहने लूटकर ले लगे। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि घर के पुरुष सदस्यों को आतंकवादी व हवाला कारोबारी दिखाकर उनका एनकाउंटर कर दिया जाएगा, इससे प्रमोशन मिलेगा। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी व अन्य अधिकारियों को की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तब न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
वादी संतोष निवासी पिलकिछा नकवी थाना खुटहन ने कोर्ट में दरखास्त दिया था कि 22 जून व 24 जून 2018 को मल्हनी बाजार में था। उस समय उसे अलग-अलग मोबाइल फोने से कई धमकी दी गई। धमकी देने वाले ने कहा कि सुधर जाओ वरना गोलियां बरसा कर शरीर छलनी कर देंगे। यह पूछने पर कि आप कौन बोल रहे हैं। उधर से भारी आवाज में व्यक्ति ने कहा कि तुम्हारी मौत बोल रहा हूं। मुन्ना बजरंगी और मुख्तार अंसारी का कांट्रेक्ट किलर हूं। चुपचाप पांच लाख रुपये पहुंचा दो, वर्ना मार दिए जाओगे। धमकी से वादी व उसका परिवार काफी डर गया। कहा कि किसी भी समय कोई अनहोनी घटना घट सकती है। अलग-अलग मोबाइल फोन से उसे यही धमकी दी गई। वादी ने मुख्यमंत्री, डीजीपी व पुलिस के अन्य उच्च अधिकारियों को दरखास्त देकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट में दरख्वास्त देकर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को आदेशित किया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करें।
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थानाध्यक्ष समेत छह लूटपाट का वाद
जौनपुर। खेतासराय निवासी वेदार अहमद को आतंकवादी व हवाला कारोबारी दिखाकर काउंटर करने की धमकी देने, घर में घुसकर वादी को मारने पीटने व लूटपाट करने के आरोप में सीजेएम ने खेतासराय के पूर्व थानाध्यक्ष योगेंद्र सिंह व दो दरोगा समेत छह आरोपियों के खिलाफ वाद दर्ज किया है।
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वादी वेदार अहमद निवासी युनुसपुर, खेतासराय ने कोर्ट में अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम के माध्यम से दरखास्त दिया कि पड़ोसियों ने 30 मई 2018 को उसके बेटे पर प्राणघातक हमला किया था। उसके शरीर की हड्डियां टूट गई थीं, जिसका बीएचयू में इलाज किया गाय। तत्कालीन थानाध्यक्ष खेतासराय योगेंद्र सिंह ने हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसकी शिकायत उसने पुलिस के उच्चाधिकारियों से की। बाद में कोर्ट के आदेश पर धाराएं लगाई गईं। वादी की शिकायत पर थानाध्यक्ष योगेंद्र सिंह को एसपी ने निलंबित कर दिया। इसी बात से नाराज होकर 15 अगस्त 2018 को रात आठ बजे पुलिसकर्मी योगेंद्र सिंह,राजेश सिंह,विनोद सचान व अन्य पुलिसकर्मी उसके घर में घुस आए। उसको मारापीटा, तोड़फोड़ की और 80 हजार रुपये व गहने लूटकर ले लगे। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि घर के पुरुष सदस्यों को आतंकवादी व हवाला कारोबारी दिखाकर उनका एनकाउंटर कर दिया जाएगा, इससे प्रमोशन मिलेगा। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी व अन्य अधिकारियों को की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तब न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।