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अधिवक्ताओं ने काले कानून का पुतला फूंक कर जताया विरोध
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:09 AM IST
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जौनपुर। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने एससी/एसटी एक्ट में संशोधन बिल के विरोध को लेकर भारत बंद के समर्थन में पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही काले कानून का पूतला फूंककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गुरुवार को अधिवक्ताओं ने संघ के अध्यक्ष बृजनाथ पाठक और संयुक्त मंत्री अरविंद तिवारी को भारत बंद के समर्थन में दरखास्त दिया। बैठक कर बंद का समर्थन किया गया। पूर्व अध्यक्ष तेज बहादुर सिंह, सुबाष यादव, अनिल कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, पंकज त्रिपाठी, अजीत कुमार सिंह, संजय श्रीवास्तव, कौशल यादव आदि अधिवक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को देखते हुए बिना जांच गिरफ्तारी न होने का आदेश दिया था। राजनीति के लिए सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अनदेखी करते हुए बिना जांच गिरफ्तारी का बिल पारित करा दिया। इसके विरोध में भारत बंद के समर्थन में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर पूतला दहन करते हुए नारेबाजी की।
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गुरुवार को अधिवक्ताओं ने संघ के अध्यक्ष बृजनाथ पाठक और संयुक्त मंत्री अरविंद तिवारी को भारत बंद के समर्थन में दरखास्त दिया। बैठक कर बंद का समर्थन किया गया। पूर्व अध्यक्ष तेज बहादुर सिंह, सुबाष यादव, अनिल कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, पंकज त्रिपाठी, अजीत कुमार सिंह, संजय श्रीवास्तव, कौशल यादव आदि अधिवक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को देखते हुए बिना जांच गिरफ्तारी न होने का आदेश दिया था। राजनीति के लिए सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अनदेखी करते हुए बिना जांच गिरफ्तारी का बिल पारित करा दिया। इसके विरोध में भारत बंद के समर्थन में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर पूतला दहन करते हुए नारेबाजी की।
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