{"_id":"5b8d7ec142c792464b1c6733","slug":"1535999667340-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के 40 फीसदी क्षेत्रों में अभी भी फैला है बिजली तारों का जाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के 40 फीसदी क्षेत्रों में अभी भी फैला है बिजली तारों का जाल
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:18 AM IST
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तारों का जाल
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जौनपुर। शहर को तारों के जाल से मुक्ति दिलाने के लिए भूमिगत केबल बिछाने का काम शुरू किया गया। बिजली विभाग की सुस्ती के चलते 40 फीसदी इलाकों में भूमिगत केबिल का काम नहीं हुआ है। सड़कें खोद कर छोड़ दी गई हैं। लिहाजा तारों के जाल से तो मुक्ति नहीं ही मिली, उल्टे सड़कों पर चलना दुश्वार हो गया है।
नगर के 40 फीसदी क्षेत्रों में अभी भी बिजली का अंडर ग्राउंड केबिल नहीं बिछाया जा सका है जबकि काम पूरा करने की मियाद महज दो महीने बाकी है। शहर के तमाम इलाकों में बिजली के तारों का जाल फैला हुआ है, जिससे आए दिन फाल्ट के चलते बिजली गुल होती रहती है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पैसे के अभाव में काम रुका हुआ है।
नगर क्षेत्र की आबादी लगभग तीन लाख है, जिसमें कुल 40 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। शहर क्षेत्र में भी लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए अंडरग्राउंउ केबिल डाली जा रही है। इसके लिए 30 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं। कार्य को अक्तूबर 2018 में पूरा करने का समय भी निर्धारित किया गया था। काम के लिए 15 करोड़ रुपए जारी हुए तो वर्ष 2017 में शहर में अंडर ग्राउंड केबिल डालने का कार्य शुरू किया गया लेकिन अभी तक शहर क्षेत्र के 60 फीसदी क्षेत्रों में ही अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य ही पूरा कर पाया है और काम रुक गया है। अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण तृतीय एससी सोनोरिया का कहना है कि अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने के लिए स्वीकृत धनराशि 30 करोड़ में से मात्र 50 फीसदी धनराशि ही मिल पाई है। जिसके कारण निर्धारित समय तक कार्य पूरा हो पाना मुस्किल है। सरकार से शेष धनराशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
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जौनपुर। अंडर ग्राउंड केबिल होने से कई फायदें हैं। फाल्ट ठीक करने के लिए फीउर बंद नहीं करना होगा। जबकि पहले कहीं भी लोकर फाल्ट होता था तो फीडर बंदर करना पड़ता था। इसके अलावां लोकल फाल्ट भी नहीं होगा। लोगों को 24 घंटे बिजली भी उपलब्ध होगी।
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नगर के 40 फीसदी क्षेत्रों में अभी भी बिजली का अंडर ग्राउंड केबिल नहीं बिछाया जा सका है जबकि काम पूरा करने की मियाद महज दो महीने बाकी है। शहर के तमाम इलाकों में बिजली के तारों का जाल फैला हुआ है, जिससे आए दिन फाल्ट के चलते बिजली गुल होती रहती है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पैसे के अभाव में काम रुका हुआ है।
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नगर क्षेत्र की आबादी लगभग तीन लाख है, जिसमें कुल 40 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। शहर क्षेत्र में भी लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए अंडरग्राउंउ केबिल डाली जा रही है। इसके लिए 30 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं। कार्य को अक्तूबर 2018 में पूरा करने का समय भी निर्धारित किया गया था। काम के लिए 15 करोड़ रुपए जारी हुए तो वर्ष 2017 में शहर में अंडर ग्राउंड केबिल डालने का कार्य शुरू किया गया लेकिन अभी तक शहर क्षेत्र के 60 फीसदी क्षेत्रों में ही अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य ही पूरा कर पाया है और काम रुक गया है। अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण तृतीय एससी सोनोरिया का कहना है कि अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने के लिए स्वीकृत धनराशि 30 करोड़ में से मात्र 50 फीसदी धनराशि ही मिल पाई है। जिसके कारण निर्धारित समय तक कार्य पूरा हो पाना मुस्किल है। सरकार से शेष धनराशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
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जौनपुर। अंडर ग्राउंड केबिल होने से कई फायदें हैं। फाल्ट ठीक करने के लिए फीउर बंद नहीं करना होगा। जबकि पहले कहीं भी लोकर फाल्ट होता था तो फीडर बंदर करना पड़ता था। इसके अलावां लोकल फाल्ट भी नहीं होगा। लोगों को 24 घंटे बिजली भी उपलब्ध होगी।