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अजोशी महावीर धाम पर बुढ़िया मंगल पर्व पर उमड़े श्रद्धालु
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:13 AM IST
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सिकरारा। अजोशी महावीर धाम में मंगलवार को बुढ़िया मंगल पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर महावीर बजरंगबली के दर्शन ,पूजन अर्चन किया। जबकि महिलाओं ने अपनी मनौती के लिए कढ़ाही चढ़ाई। मंगलवार भोर में महावीर के विशेष श्रृंगार के पश्चात दर्शन के लिए श्रद्धालुओ की कतार लग गई।
मंदिर के प्रधान सेवक गोरखनाथ मिश्र ने बताया कि प्रत्येक वर्ष नाग पंचमी के बाद पड़ने वाले दूसरे मंगलवार को बुढ़िया मंगल पर्व धाम में धूम धाम से मनाया जाता है। जन श्रुति के अनुसार सैकड़ों साल पहले एक बुढ़िया नाग पंचमी के बाद पड़ने वाले पहले मंगल को देर से बजरंग बली के दर्शन के लिए पहुंची तो मंदिर का कपाट बंद हो चुका था। वह दुखी मन से आंसू बहाती हुई खुद को कोसने लगी। वहीं एक दूसरी महिला आकर उसे उठायी और आंसू पोंछ कर कहा कि दुखी मत हो। अगले मंगल को वह फिर आकर बजरंग बली का दर्शन पूजन करें। उस दिन भी इसी दिन का पुण्य लाभ मिलेगा। इस पर्व को बुढ़िया मंगल के नाम से जाना जाएगा। लोगों के अनुसार वह दूसरी महिला बजरंग बली द्वारा ही भेजी गयी थी। तभी से धाम में बुढ़िया मंगल पर्व व मेला लगने लगा। पुजारी अरविंद मिश्रा, फौजदार शुक्ला व अन्य सहयोगियों द्वारा परिसर में सुबह से ही सुंदरकांड ,हनुमानाष्टक, बजरंग बाण,हनुमान चालीसा पाठ, व अन्य धार्मिक हवन पूजन सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओ को प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर अनेक महिलाओ ने अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु महावीर को कढ़ाही भी चढ़ाई। दोपहर बाद धाम पर विशाल मेले का भी आयोजन किया गया। जिसमें लोगों ने जमकर खरीददारी की। मेले में महिलाओं की खासी भीड़ देखी गई।
मंदिर के प्रधान सेवक गोरखनाथ मिश्र ने बताया कि प्रत्येक वर्ष नाग पंचमी के बाद पड़ने वाले दूसरे मंगलवार को बुढ़िया मंगल पर्व धाम में धूम धाम से मनाया जाता है। जन श्रुति के अनुसार सैकड़ों साल पहले एक बुढ़िया नाग पंचमी के बाद पड़ने वाले पहले मंगल को देर से बजरंग बली के दर्शन के लिए पहुंची तो मंदिर का कपाट बंद हो चुका था। वह दुखी मन से आंसू बहाती हुई खुद को कोसने लगी। वहीं एक दूसरी महिला आकर उसे उठायी और आंसू पोंछ कर कहा कि दुखी मत हो। अगले मंगल को वह फिर आकर बजरंग बली का दर्शन पूजन करें। उस दिन भी इसी दिन का पुण्य लाभ मिलेगा। इस पर्व को बुढ़िया मंगल के नाम से जाना जाएगा। लोगों के अनुसार वह दूसरी महिला बजरंग बली द्वारा ही भेजी गयी थी। तभी से धाम में बुढ़िया मंगल पर्व व मेला लगने लगा। पुजारी अरविंद मिश्रा, फौजदार शुक्ला व अन्य सहयोगियों द्वारा परिसर में सुबह से ही सुंदरकांड ,हनुमानाष्टक, बजरंग बाण,हनुमान चालीसा पाठ, व अन्य धार्मिक हवन पूजन सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओ को प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर अनेक महिलाओ ने अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु महावीर को कढ़ाही भी चढ़ाई। दोपहर बाद धाम पर विशाल मेले का भी आयोजन किया गया। जिसमें लोगों ने जमकर खरीददारी की। मेले में महिलाओं की खासी भीड़ देखी गई।
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