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कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, सांसद को सौंपा पत्रक
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:36 AM IST
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जौनपुर। नायब तहसीलदार के पद पर 10 फीसदी प्रोन्नति समेत 13 सूत्री मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी मांग से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सांसद केपी सिंह को उनके आवास पर जाकर सौंपा। उत्तर प्रदेशीय मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव व मंत्री आशीष त्रिपाठी की अगुवाई में सांसद को सौंपे गए पत्रक में आंदोलन की चेतावनी दी गई है। सांसद ने भरोसा दिया कि वह कर्मचारियों के हित में पत्रक मुख्यमंत्री को सौंपेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
कलेक्ट्रेट कर्मचारियों की मांग है कि कार्यालय जिलाधिकारी का नाम मिनी या जनपद सचिवालय रखा जाय। नायब तहसीलदार के पद पर 10 प्रतिषत प्रोन्नति प्रदान की जाय, कनिष्ट सहायक का पदनाम परिवर्तित करते हुए कंप्यूटर सहायक एवं वेतन बैंड-2 का ग्रेड पे 2800 तथा समान कार्य का समान वेतन के सिद्धान्त के आधार पर सचिवालय के बराबर वेतन भत्ते अनुमन्य किया जाए। कुल 13 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव व जिला मंत्री आशीष त्रिपाठी ने सांसद को बताया कि उनकी संगठन की 13 सूत्री मांगों में छह पर राजस्व परिषद के अधिकारियों से सहमति बनी थी। पर शासनादेश जारी करने का मामला जानबूझकर लटकाया जा रहा है। यदि सरकार मांगें नहीं मानती तो सितंबर में लखनऊ में संगठन की प्रांतीय बैठक में आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। पत्रक सौंपने वालों में विजय प्रताप सिंह, सुनील कुमार सिंह, मिर्जा नेहाल मेंहदी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष राजेष कुमार यादव, मुख्य सचेतक राजेन्द्र सिंह, संगठन मंत्री त्रिलोकीनाथ सिंह, भानु प्रताप श्रीवास्तव, अवधेश कुमार एंव अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्ट्रेट कर्मचारियों की मांग है कि कार्यालय जिलाधिकारी का नाम मिनी या जनपद सचिवालय रखा जाय। नायब तहसीलदार के पद पर 10 प्रतिषत प्रोन्नति प्रदान की जाय, कनिष्ट सहायक का पदनाम परिवर्तित करते हुए कंप्यूटर सहायक एवं वेतन बैंड-2 का ग्रेड पे 2800 तथा समान कार्य का समान वेतन के सिद्धान्त के आधार पर सचिवालय के बराबर वेतन भत्ते अनुमन्य किया जाए। कुल 13 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव व जिला मंत्री आशीष त्रिपाठी ने सांसद को बताया कि उनकी संगठन की 13 सूत्री मांगों में छह पर राजस्व परिषद के अधिकारियों से सहमति बनी थी। पर शासनादेश जारी करने का मामला जानबूझकर लटकाया जा रहा है। यदि सरकार मांगें नहीं मानती तो सितंबर में लखनऊ में संगठन की प्रांतीय बैठक में आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। पत्रक सौंपने वालों में विजय प्रताप सिंह, सुनील कुमार सिंह, मिर्जा नेहाल मेंहदी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष राजेष कुमार यादव, मुख्य सचेतक राजेन्द्र सिंह, संगठन मंत्री त्रिलोकीनाथ सिंह, भानु प्रताप श्रीवास्तव, अवधेश कुमार एंव अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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