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टपक रही स्वास्थ्य उपकेन्द्र की जर्जर छत के नीचे होता है इलाज
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:28 AM IST
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मीरगंज। स्वास्थ्य उपकेंद्र गोधना का भवन जर्जर हो गया है। यहां दर्जनों गांवों की महिलाओं का प्रसव कराया जाता है। एनएनएम छत के ऊपर बरसाती बिछाकर काम चलाया जाता है। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मछलीशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाला स्वास्थ्य उपकेंद्र गोधना का भवन कई वर्षों से जर्जर है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से हो चुकी है। जबकि यहां संस्थागत प्रसव केन्द्र भी बनाया गया है। यहां भटहर, सरायदेवा, देवापुर, माधोपुर इमिलिया, चौकी खुर्द, रामपुरखुर्द, सवैया, अगहुआ, लासा, अदारी, चौकीकला, मोलनापुर, चितांव, भटेवरा, कठार, मुबारकपुर, चौधरीपुर, चकिया गांव की महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। एएनएम शशिबाला का कहना है कि उच्चाधिकारियों से जर्जर भवन की शिकायत की गई है। मछलीशहर सामुदायिक केन्द्र के अधीक्षक डा. रफीक फारुकी का कहना है की जर्जर भवन की शिकायत अधिकारियों से की गई है। बीच में इंजीनियरों ने भवन को देखा भी था। तब भवन के मरम्मत कराने की बात भी कही थी।
मछलीशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाला स्वास्थ्य उपकेंद्र गोधना का भवन कई वर्षों से जर्जर है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से हो चुकी है। जबकि यहां संस्थागत प्रसव केन्द्र भी बनाया गया है। यहां भटहर, सरायदेवा, देवापुर, माधोपुर इमिलिया, चौकी खुर्द, रामपुरखुर्द, सवैया, अगहुआ, लासा, अदारी, चौकीकला, मोलनापुर, चितांव, भटेवरा, कठार, मुबारकपुर, चौधरीपुर, चकिया गांव की महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। एएनएम शशिबाला का कहना है कि उच्चाधिकारियों से जर्जर भवन की शिकायत की गई है। मछलीशहर सामुदायिक केन्द्र के अधीक्षक डा. रफीक फारुकी का कहना है की जर्जर भवन की शिकायत अधिकारियों से की गई है। बीच में इंजीनियरों ने भवन को देखा भी था। तब भवन के मरम्मत कराने की बात भी कही थी।
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