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मानक को दरकिनार कर चल रहे आरओ प्लांट, जिम्मेदार चुप
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:16 AM IST
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मडियाहूं। नगर में कुकुरमुत्ते की तरह अवैध रूप से वाटर प्लांट खुल रहे हैं। जिनके द्वारा अवैध रूप से जल दोहन किया जा रहा है। जिससे पानी का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। सब कुछ जानकर भी जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।
मड़ियाहूं नगर में चल रहे इन अवैध वाटर प्यूरीफायर प्लांट संचालकों के पास लाइसेंस तक नहीं है। जल विभाग के नियमों को ताक पर रखकर प्लांट स्थापित किए गए हैं। लोग पानी को साफ मानकर उपयोग कर रहे हैं। जबकि वाटर प्लांट संचालक ठंडे पानी के नाम पर चांदी काट रहे हैं। प्रतिदिन हजारों लीटर पानी कस्बे में सप्लाई की जा रही है ।वाटर प्लांट खोलने के लिए नगर पंचायत व स्वास्थ्य विभाग की एनओसी के आधार पर प्लांट लगाने की अनुमति दी जाती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को पहले पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा जाता है, लेकिन अधिकांश प्लांटों पर पानी की कोई जांच नहीं की गई है और ना ही नमूने लिए गए। वहीं नगर पंचायत के पास भी इन चल रहे आरओ प्लांटों का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
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मड़ियाहूं नगर में चल रहे इन अवैध वाटर प्यूरीफायर प्लांट संचालकों के पास लाइसेंस तक नहीं है। जल विभाग के नियमों को ताक पर रखकर प्लांट स्थापित किए गए हैं। लोग पानी को साफ मानकर उपयोग कर रहे हैं। जबकि वाटर प्लांट संचालक ठंडे पानी के नाम पर चांदी काट रहे हैं। प्रतिदिन हजारों लीटर पानी कस्बे में सप्लाई की जा रही है ।वाटर प्लांट खोलने के लिए नगर पंचायत व स्वास्थ्य विभाग की एनओसी के आधार पर प्लांट लगाने की अनुमति दी जाती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को पहले पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा जाता है, लेकिन अधिकांश प्लांटों पर पानी की कोई जांच नहीं की गई है और ना ही नमूने लिए गए। वहीं नगर पंचायत के पास भी इन चल रहे आरओ प्लांटों का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
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