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कार्यपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिया गया निर्णय
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:12 AM IST
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय सभागार कुलपति प्रो. राजाराम यादव की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में श्रेणी सुधार परीक्षा, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन आदि की फीस बढ़ाने के लिए वित्त समिति से पास प्रकरण को भेजा गया। इसके अलावा, कर्मचारियों को एसीसी कटौती, मृत कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी पर रखे जाने, इंजीनियरिंग संस्थान में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए हुए इंटरव्यू का लिफाफा खोलने समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया), इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस ऑॅफ स्टडी एवं रिसर्च तथा रिसर्च सेंटर फार रिन्यूएबल एनर्जी एंड नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी में सत्र 2018-19 से प्रवेश आदि के संबंध में कार्यवाही अनुमोदन के लिए सदन में रखा गया। इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस एंड टेक्नोलाजी पाठ्यक्रम की स्थापना के लिए शैक्षिक एवं गैर शिक्षणेत्तर पदों के सृजन संबंधी शासन के आदेश से सदन को अवगत कराया गया। सदन ने इस कार्य के लिए कुलपति को बधाई दी। प्रबंध अध्ययन संकाय के प्रवक्ता डा. सुभोजीत बनर्जी की नियुक्ति गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में हो जाने के बाद विवि से दिए गए त्यागपत्र पर सदन ने स्वीकृति प्रदान की। मृत कर्मचारियों के आश्रितों को सेवायोजित करने का मामला सदन में रखा गया। जिस पर सदन ने सकारात्मक निर्णय के लिए कुलपति को सौंप दिया। विवि के कर्मचारी हरिश्चंद्र जिनकी मौत सेवाकाल में हो गई है, उनके पाल्य को मृतक आश्रित के रूप में सेवायोजित करने के लिए बालिग होने तक की अवधि संरक्षित करने पर सहमति बनी। कर्मचारियों के एसीपी के मुद्दे पर सदन ने हित को ध्यान में रखकर एसीपी की सुविधा प्रदान करने की बात कही गई। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में संचालित स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों को भी प्राश्निक (पेपर सेंटर) बनाए जाने पर विचार के लिए एकेडमिक काउंसिल को अग्रसारित कर दिया गया। महाविद्यालयों को सत्र 2018-19 के लिए नवीन विषयों, पाठ्यक्रमों में प्रदान की गई संबद्धता का मामला सदन में रखा गया। सदन ने कहा कि जो कालेज मानक पूरा करते हैं और सही हैं उन्हें अनुमति दे दी जाए। बैठक में प्रो. बीडी शर्मा, डा. मनोज मिश्रा, डा. रामविलास, डा. रामनरायण, प्रो. राणाकृष्ण पाल सिंह, प्रो. शैलेंद्र कुमार गुप्त, प्रो. बीबी तिवारी, डा. प्रदीप कुमार, डा. नुपुर तिवारी, डा आरआर यादव, डा. अजय मिश्रा, डा. मृणालिनी सिंह, डा. सुरेश सिंह, डा. शिव शंकर सिंह, रजिस्ट्रार सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया), इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस ऑॅफ स्टडी एवं रिसर्च तथा रिसर्च सेंटर फार रिन्यूएबल एनर्जी एंड नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी में सत्र 2018-19 से प्रवेश आदि के संबंध में कार्यवाही अनुमोदन के लिए सदन में रखा गया। इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस एंड टेक्नोलाजी पाठ्यक्रम की स्थापना के लिए शैक्षिक एवं गैर शिक्षणेत्तर पदों के सृजन संबंधी शासन के आदेश से सदन को अवगत कराया गया। सदन ने इस कार्य के लिए कुलपति को बधाई दी। प्रबंध अध्ययन संकाय के प्रवक्ता डा. सुभोजीत बनर्जी की नियुक्ति गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में हो जाने के बाद विवि से दिए गए त्यागपत्र पर सदन ने स्वीकृति प्रदान की। मृत कर्मचारियों के आश्रितों को सेवायोजित करने का मामला सदन में रखा गया। जिस पर सदन ने सकारात्मक निर्णय के लिए कुलपति को सौंप दिया। विवि के कर्मचारी हरिश्चंद्र जिनकी मौत सेवाकाल में हो गई है, उनके पाल्य को मृतक आश्रित के रूप में सेवायोजित करने के लिए बालिग होने तक की अवधि संरक्षित करने पर सहमति बनी। कर्मचारियों के एसीपी के मुद्दे पर सदन ने हित को ध्यान में रखकर एसीपी की सुविधा प्रदान करने की बात कही गई। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में संचालित स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों को भी प्राश्निक (पेपर सेंटर) बनाए जाने पर विचार के लिए एकेडमिक काउंसिल को अग्रसारित कर दिया गया। महाविद्यालयों को सत्र 2018-19 के लिए नवीन विषयों, पाठ्यक्रमों में प्रदान की गई संबद्धता का मामला सदन में रखा गया। सदन ने कहा कि जो कालेज मानक पूरा करते हैं और सही हैं उन्हें अनुमति दे दी जाए। बैठक में प्रो. बीडी शर्मा, डा. मनोज मिश्रा, डा. रामविलास, डा. रामनरायण, प्रो. राणाकृष्ण पाल सिंह, प्रो. शैलेंद्र कुमार गुप्त, प्रो. बीबी तिवारी, डा. प्रदीप कुमार, डा. नुपुर तिवारी, डा आरआर यादव, डा. अजय मिश्रा, डा. मृणालिनी सिंह, डा. सुरेश सिंह, डा. शिव शंकर सिंह, रजिस्ट्रार सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह आदि मौजूद रहे।
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