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सड़कों पर बने गड्ढ़ों में भरा पानी, राहगीर हो रहे परेशान
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:44 AM IST
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मछलीशहर। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़को पर बने गड्ढो में पानी जमा हो गया है। जिससे लोगों को आवागमन करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं होने पर लोगों में रोष व्यप्त है। लोगों ने शीघ्र सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।
मछलीशहर के दाउदपुर ,छाछो, दशरथपुर समेत अन्य ग्रामीण इलाकों में टूटी सड़को की मरम्मत कार्य विगत कई वर्षों से नहीं हुआ।मरम्मत के अभाव में सड़क टूटकर गड्ढ़े में तब्दील हो गई है। सड़कों के गड्ढ़े में बारिश से पानी भर गया है। जिससे लोगां को आवा गमन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आये दिन लोग गड्ढ़े में गिरकर घायल हो रहे है।दाउदपुर निवासी रामचन्द्र बिन्द ने बताया कि लगभग20 वर्ष पहले गांव के सड़क का निर्माण कार्य हुआ था।इसके बाद अभी तक मरम्मत कार्य नहीं हुआ है । जिससे स्उ़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहीं गिट्टियां भी बिखरी हुई हैं। दशरथपुर गाव निवासी महेंद्र पांडेय ने बताया कि दशरथपुर से कुरनी समाधगंज को जोडने वाले मार्ग का निर्माण भी लगभग 2005 में समंवित ग्राम विकास योजना के तहत हुआ था।तब से लेकर अब तक उक्त मार्ग की मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। जिससे सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर गड्ढ़े में तब्दील हो गई है। लगभग यही हालत अन्य सड़कें की भी है। जिससे लोगो को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि सड़क मरम्मत कराने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाया गया। लेकिन अभी तक सड़क नहीं बन सका है।
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मरीजों व अस्पताल कर्मियों को हो रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
मीरगंज। स्वास्थ्य उपकेंद्र गोधना का भवन जर्जर हो गया है। छत से टपक रहे पानी के कारण मरीजों व अस्पताल कर्मियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य कार्य भी प्रभावित हो रहा है। वहीं भवन के गिरने का भी हर समय डर बना रहता है।एएनएम द्वारा इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हो सकी है।
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मछलीशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अन्तर्गत आने वाला स्वास्थ्य उपकेंद्र गोधना का भवन कई वर्षो से जर्जर है। यहां पर तैनात एनएम तीन वर्ष से इसके मरमम्त की शिकायत उच्चाधिकारियो से कर चुकी है। लेकिन इस केंद्र का मरम्मत कराने पर संबंधित अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि यहां संस्थागत प्रसव केंद्र भी बनाया गया है। बारिश के कारण इस स्वास्थ्य केंद्र की छत टपक रही है। जबकि भटहर, सरायदेवा, देवापुर, माधोपुर, इमिलिया, चौकीखुर्द, रामपुरखुर्द, सवैया, अगहुआ, लासा व अदारी आदि गांव की महिलाओ का प्रसव कराया जाता है। एएनएम शशिबाला ने बताया कि उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत तीन वर्ष से करती आ रही हूं। लेकिन अभी तक इसे ठीक नहीं कराया गया है। छत टपकने से मरीजों का उपचार करने में दिक्कत का सामना करन पड़ रहा है। मछलीशहर सामुदायिक केन्द्र अधीक्षक डा. रफीक फारुकी का कहना है की जर्जर भवन की शिकायत से उच्चधिकारीयों को अवगत करा दिया गया है।