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नशा से बढ़ रहा सिर और गले का कैंसर
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:09 AM IST
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जौनपुर। विश्व सिर एवं गला कैंसर दिवस की पूर्व संध्या पर भारत विकास परिषद की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया। संगठन के प्रांतीय प्रकल्प प्रमुख नशामुक्ति विक्रम कुमार गुप्त के सानिध्य में गोष्ठी एंव नि:शुल्क मरीजों का परीक्षण कर नशे का सेवन करने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। केयर डेंटल स्पेशिलिटी सेंटर, रूहट्टा पर मरीजों की जांच की गई। जहां सिर व गला कैंसर के लक्षण, कारण, उपचार एंव बचाव की जानकारी दी गई। दंत रोग विशेषज्ञ डा.गौरव प्रकाश मौर्य ने बताया कि विश्व में सिर एंव गले के कैंसर के रोगी सभी कैंसर रोगियों में 4.5 फीसदी हैं। जबकि भारत में नेशनल कैंसर सर्वें के अनुसार 25-30 है। जिसका मुख्य कारण तंबाकू, धूम्रपान, खैनी, सुर्ती इत्यादि इसके मुख्य कारक हैं। राष्ट्रीय पंजीकरण कैंसर संस्थान के अनुसार विश्व में भारत का सिर व गले के कैंसर में 9 वां स्थान है। यह कैंसर एक लाख में 100 लोगों को होने की संभावना रहती है। डा. तूलिका मौर्या ने बताया कि गले के कैंसर के प्रमुख लक्षण गले में लगातार खांसी या खून वाली खांसी, गर्दन में सूजन, स्वर बैठना, आवाज में बदलाव आदि हैं। इसके प्रमुख कारण धूम्रपान, अत्यधिक शराब की खपत, बिटामिन ए की कमी, तंबाकू, खैनी, सुर्ती, सुपारी इत्यादि का अत्यधिक सेवन, खराब दंत स्वच्छता एंव मानव पैपिलोमा वायरस संक्रमण है। इससे बचाव करने के लिए तंबाकू उत्पादकों के प्रयोग से बचे, हरी सब्जी, सलाद, स्वस्थ भोजन व व्यायाम करें। संयोजक विक्रम कुमार गुप्त ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डा. मुकेश शुक्ल, डा.वीरेंद्र यादव, डा.शशांक श्रीवास्तव, डा.सौरभ रस्तोगी, डा.मिथिलेश मौर्या, डा.शिखा शुक्ला, अजीत विश्वकर्मा, कृष्णा मौर्य, प्रवीण यादव आदि उपस्थित रहे।
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