फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   सूखे खेत में धान की रोपाई करने को मजबूर किसान

सूखे खेत में धान की रोपाई करने को मजबूर किसान

Thu, 19 Jul 2018 01:20 AM IST
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
सूखे खेत में धान की रोपाई करने को मजबूर किसान

विज्ञापन
सिकरारा। इस साल वर्षा ऋतु लगभग आधी बीतने को है लेकिन किसी भी दिन हुई बारिश का पानी खेतों में दिखाई नहीं दिया। फलत: धान की खेती करने वाले किसान काफी परेशान हैं। धान की नर्सरी खेतों में सूख रही है। कुछ मेहनत कश किसान सूखे खेतों में ही धान की रोपाई कर रहे हैं। खरीफ की फसल में मोटे अनाज की फसल की बुआई भी 20 फीसद क्षेत्रफल में ही हो सकी है। कुल मिलाकर सूखे की स्थिति बनी हुई है। किसान बेहाल हैं।

शेरवा गांव के छोटू प्रजापति का कहना है कि पिछले साल वे तीन एकड़ धान की खेती किए थे लेकिन इस साल अभी तक बारिश नहीं के बराबर होने के कारण 50 डिसमिल में ही खेती कर पाए हैं। वह भी सूखे खेत में ही रोपाई इस आशा से कर दिए हैं कि हो सकता है कि आगे चलकर बारिश हो जाए तो कुछ आँसू पोछाई हो जाए। हौंसला प्रसाद का कहना है कि पहले 22 जून को बारिश शुरू हो जाती थी और अब तक धन की रोपाई का कार्य समाप्त हो जाता था। धान में नए कल्फे आ जाते थे। इस साल तो कभी लगा ही नहीं कि यह बरसात का मौसम है। इतनी कम बारिश पिछले पांच दशक में कभी नहीं हुई थी। ताहिरपुर के पूर्व प्रधान राम कुमार का कहना है कि अभी तक इतनी भी बारिश नहीं हुई कि वे ज्वार बाजरा की बुआई कर सकें। नहर में भी पानी की किल्लत है। पानी बरसता है तो नहर में भी पानी इफरात रहता है। इस साल बारिश नहीं हो रही है तो नहर भी सूखी हुई है। जिन किसानों ने निजी नलकूपों से महंगे डीजल डालकर धान की रोपाई कर दिया है वह छुट्टा पशुओं का निवाला बन जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed