फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   पिछले वर्ष खरीफ में 1.96 करोड़ बीमा कंपनी ने कमाया है शुद्ध लाभ

पिछले वर्ष खरीफ में 1.96 करोड़ बीमा कंपनी ने कमाया है शुद्ध लाभ

Sun, 15 Jul 2018 12:28 AM IST
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
पिछले वर्ष खरीफ में 1.96 करोड़ बीमा कंपनी ने कमाया है शुद्ध लाभ
जौनपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए छलावा साबित हो रही है। बीमा योजना का लाभ किसानों से ज्यादा बीमा कंपनियों को हुआ है। पिछले साल खरीफ सीजन में जिले के 16, 950 किसानों ने एक करोड़ 16 लाख 66 हजार रुपये के करीब प्रीमियम का भुगतान किया। इतना ही पैसा सरकार ने भी बीमा कंपनी को दिया। सीजन में पांच हजार से ज्यादा किसानों की फसल बरबाद हुई लेकिन उन्हें उतना मुआवजा भी नहीं दिया गया, जिनता उनसे प्रीमियम लिया गया था। उन्हें केवल 36.88 लाख रुपये का भुगतान कंपनी ने किया।
विज्ञापन

जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी व खरीफ के फसलों का बीमा करने की जिम्मेदारी यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को दी गई है। इसके द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पिछले वर्ष जिले में 16950 किसानों के खरीफ की फसल का बीमा किया था। इसमें 16 हजार 946 किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने वाले किसान और चार किसान बिना केसीसी वाले थे। किसानों और सरकार से बीमा कंपनी को कुल दो करोड़ 33 लाख 32 हजार 604 रुपये का प्रीमियम मिला। कृषि विभाग के मुताबिक जिले के 5336 किसानों ने फसल बरबाद होने की सूचना बीमा कंपनी को दी थी। उनको महज 36 लाख 88 लाख 523 रुपये बतौर क्षतिपूर्ति दी गई थी। जिले में बीमा कराने वाले 30 फीसदी किसानों ने अपनी फसल बरबाद होने की सूचना बीमा कंपनी को दी लेकिन कंपनी ने कुल जमा प्रीमियम का उन्हें 16 फीसदी ही मुआवजा दिया गया। कंपनी 1.96 करोड़ रुपये लेकर चली गई।
विज्ञापन

किसान को फसल पूरी तरह बरबाद होने पर 47 हजार 950 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से कंपनी मुआवजा देती है जबकि इतनी खेती श्रम, खर्च और खेत का किराया जोड़ने के बाद लगभग 40 ले 50 हजार रुपये की लागत आती है। फसल बरबाद होने पर बीमा कंपनी इससे कम ही मुआवजा दे रही है। मुआवजा लेने के लिए तरह-तरह के नखरे कंपनी करती है। नुकसान के प्रतिशत का आकलन वे खुद करते हैं। इस तरह कम से कम भुगतान का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट:
जिन किसानों के फसलों की क्षति होती है। उनकी सूचना के बाद बीमा कंपनी के प्रतिनिधि नुकसान का आकलन करते हैं। उसके आधार पर क्षतिपूर्ति की जाती है।16950 किसानों में से 5336 किसानों ने फसल बरबाद होने की सूचना दी थी। उनको बीमा कंपनी ने नुकसान का आकलन करके 36 लाख 88 लाख 523 रुपया क्षतिपूर्ति दी गई है।-जयप्रकाश, उप कृषि निदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed