फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   भूमि बनी उपजाऊ

भूमि बनी उपजाऊ

Fri, 06 Jul 2018 12:16 AM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
भूमि बनी उपजाऊ
जौनपुर। जिले में पांच सालों में अभी तक 118 गांवों में 7873.883 हेक्टेयर ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाया गया है। वहीं 1122 बोरिंग कराई गई है और 102498 मीटर पतली नाली बनाई जा चुकी है। भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए किसानों को बोरिंग, जिप्सम, खाद व बीज आदि अनुदान पर दिया जाता है। जिससे किसानों को भूमि को उपजाऊ बनाने में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में 17 गावों में 665.344हेक्टयर भूमि को उपजाऊ बनाने और 70 बोरिंग करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन

परियोजना प्रबंधक, उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम के अंतर्गत जिले में सोडिक लैंड रिक्लेमेशन तृतीय परियोजना के तहत ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाया जाता है। इसमें उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम द्वारा पहले किसानों के ऊसर भूमि का चयन किया जाता है। चयनित किसानों को अनुदान पर बोरिंग कराई जाती है। इसी क्रम में 10 हजार 450 रुपये में पाइप, मजदूरी आदि दी जाती है। इससे अधिक बोरिंग में जो भी पैसा लगता है। उसको किसानों को देना होता है। तीन रुपये प्रति बोरी की दर से जिप्सम, चार रुपये प्रति किलो दर से गेहूं का बीज और इसके अलावा 60 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से खाद नि:शुल्क दी जाती है।
विज्ञापन


अब तक जो काम हुए
जौनपुर। योजना की शुरुआत जिले में वित्तीय वर्ष 2010-11 में हुई। पहले साल कुल 25 गांवों के 1566.398 हेक्टेयर भूमि को उपजाऊ बनाया गया है। इस दौरान 240 बोरिंग भी कराया गया था। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2011-12 में कुल 27 गांवों के 1749.249 हेक्टेयर भूमि को उपजाऊ बनाया गया। इस दौरान 228 बोरिंग भी कराई गई। वित्तीय वर्ष 2012-13 में कुल 22 गांवों के 1715.059 हेक्टेयर भूमि को सुधारा गया। इस दौरान 255 बोरिंग भी हुई। वित्तीय वर्ष 2013-14 में कुल 25 गांवों के 1763.345 हेक्टेयर भूमि को सुधारा गया। इस दौरान 246 बोरिंग भी कराई। वित्तीय वर्ष 2014-15 में कुल 19 गांवों के 1079.834 हेक्टेयर भूमि को उपजाऊ बनाया गया था। इस दौरान153 बोरिंग हुई थी। हालांकि जिले में वित्तीय वर्ष 2015-16, 2016-17 और 2017-18 में भूमि को उपजाऊ बनाने का कार्य ठप रहा। इन वर्षों में बजट नहीं मिला था।
विज्ञापन
विज्ञापन


118 गांवों के 7873.883 हेक्टेयर भूमि को उपजाऊ बनाया गया है। तीन वित्तीय वर्ष में बजट न आने के कारण कार्य बंद था। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 17 गांवों के 665.344हेक्टयर भूमि को उपजाऊ बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए किसानों को चिह्नित कर लिया गया है। - आनंद कुमार सिंह, परियोजना प्रबंधक, उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed