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अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर,लगाए भ्रष्टाचार विरोधी नारे
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:08 AM IST
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केराकत। अधिवक्ताओं ने सोमवार को केराकत तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों के समय से कार्यालय में मौजूद रहने की भी मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। तहसील में भ्रष्टाचार का बोलाबाला है। बिना पैसा लिए किसी फाइल का निस्तारण नहीं किया जा रहा है । इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई। किंतु उन्होंने भी अधिवक्ताओं की मांग अनसुनी कर दी। जिससे मजबूरन अधिवक्ताओं को यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी भी अपने कार्यालयों में नहीं बैठ रहे हैं। सोमवार को एसडीएम मंगलेश दूबे, तहसीलदार ज्ञानेंद्र नाथ सिंह और नायब तहसीलदार अजीत सिंह अपने कार्यालय में नहीं बैठे थे। अधिकारियों के कार्यालय में नहीं बैठने से मामलों का निस्तारण भी समयसे नहीं हो पा रहा है। लेकिन अब संघ इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ेगा। अधिवक्ता के इस लड़ाई में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपना समर्थन देते हुए धरने में शामिल हुई। समर्थन देने वालों में संजय सरोज, सुरेश यादव ,हरी राम यादव, मुन्ना यादव आदि कार्यकर्ता है। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष नम: नाथ, महामंत्री हीरेंद्र यादव,अधिवक्ता महेंद्र शंकर पांडेय, रविनाथ सिंह कौशल, राजेश पांडेय, सुरेश राम, शारदा यादव श्रीपत सिंह, रमेश कुमार आदि रहे।
न्यायिक कार्य विरत रहे अधिवक्ता
मछलीशहर। केराकत अधिवक्ताओं के समर्थन में सोमवार को मछलीशहर तहसील के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र सिन्हा के नेतृत्व में सोमवार को अधिवक्ताओं की बैठक हुई। जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अधिवक्ता संघ केराकत द्वारा मांगे गये समर्थन में विचार विमर्श किया गया। अधिवक्ताओं ने अपना समर्थन देते हुए आरोप लगाया कि केराकत ही नहीं बल्कि समूचे जिले की सभी तहसीलों के राजस्व कर्मियों, उपनिबंधक कार्यालयों, ब्लाकों में भ्रष्टाचार चरम पर है। जिस पर रोक लगाने की मांग शासन व जिला प्रशासन से की। इसके बाद अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्रमणि शुक्ला, नागेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, केदार नाथ यादव, जगदंबा प्रसाद मिश्र, आरपी सिंह, हरिनायक तिवारी, विनय पांडेय, सरजू प्रसाद विंद, श्याम सुंदर यादव आदि उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। तहसील में भ्रष्टाचार का बोलाबाला है। बिना पैसा लिए किसी फाइल का निस्तारण नहीं किया जा रहा है । इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई। किंतु उन्होंने भी अधिवक्ताओं की मांग अनसुनी कर दी। जिससे मजबूरन अधिवक्ताओं को यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी भी अपने कार्यालयों में नहीं बैठ रहे हैं। सोमवार को एसडीएम मंगलेश दूबे, तहसीलदार ज्ञानेंद्र नाथ सिंह और नायब तहसीलदार अजीत सिंह अपने कार्यालय में नहीं बैठे थे। अधिकारियों के कार्यालय में नहीं बैठने से मामलों का निस्तारण भी समयसे नहीं हो पा रहा है। लेकिन अब संघ इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ेगा। अधिवक्ता के इस लड़ाई में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपना समर्थन देते हुए धरने में शामिल हुई। समर्थन देने वालों में संजय सरोज, सुरेश यादव ,हरी राम यादव, मुन्ना यादव आदि कार्यकर्ता है। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष नम: नाथ, महामंत्री हीरेंद्र यादव,अधिवक्ता महेंद्र शंकर पांडेय, रविनाथ सिंह कौशल, राजेश पांडेय, सुरेश राम, शारदा यादव श्रीपत सिंह, रमेश कुमार आदि रहे।
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न्यायिक कार्य विरत रहे अधिवक्ता
मछलीशहर। केराकत अधिवक्ताओं के समर्थन में सोमवार को मछलीशहर तहसील के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र सिन्हा के नेतृत्व में सोमवार को अधिवक्ताओं की बैठक हुई। जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अधिवक्ता संघ केराकत द्वारा मांगे गये समर्थन में विचार विमर्श किया गया। अधिवक्ताओं ने अपना समर्थन देते हुए आरोप लगाया कि केराकत ही नहीं बल्कि समूचे जिले की सभी तहसीलों के राजस्व कर्मियों, उपनिबंधक कार्यालयों, ब्लाकों में भ्रष्टाचार चरम पर है। जिस पर रोक लगाने की मांग शासन व जिला प्रशासन से की। इसके बाद अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्रमणि शुक्ला, नागेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, केदार नाथ यादव, जगदंबा प्रसाद मिश्र, आरपी सिंह, हरिनायक तिवारी, विनय पांडेय, सरजू प्रसाद विंद, श्याम सुंदर यादव आदि उपस्थित रहे।
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