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नहर में नहीं पहुंचा पानी सूख रही धान की नर्सरी
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:56 AM IST
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जौनपुर। नहरों में पानी नहीं आने से धान की खेती का काम नहीं शुरू हो पा रहा है। अभी भी 75 फीसदी नहरों में पानी नहीं है। पानी के अभाव में धान की नर्सरी सूखने लगी थी। रोपाई की तो तैयारी ही किसान नहीं कर पा रहे थे। मानसून आने से खेती का काम तेज होने के आसार है। मगर किसानों में आशंका है कि यदि नहरों में पानी नहीं आया तो धान की खेती पर असर पड़ सकता है क्योंकि बरसात का क्या भरोसा, समय से पानी मिले न मिले।
जिले में छोटी व बड़ी मिलाकर कुल 307 नहरें है। इसकी लंबाई 1705 किलोमीटर है। इन नहरों से कुल 67 हजार 112 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। नहरों में पानी नहीं आने से इन कृषि योग्य भूमि की सिंचाई भी पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है। इस समय मात्र 75 नहरों में ही पानी आ रहा है। जबकि 232 नहरें सूखी पड़ी है। इसमें बेलवार, मड़वा, अल्लापुर, पहाड़पुर, पौवा, राजापुर आदि नहरें हैं। इसमें अभी तक पानी नहीं आया है। ।जिससे जिन नहरों में पानी आ रहा है। वह भी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। पानी नहीं आने से खेतों में पड़े धान की नर्सरी सहित अन्य खरीफ के फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। जिसकी चिंता किसानों के चेहरे पर झलक रही है। वहीं जिन किसानों के यहां धान की नर्सरी भी तैयार हो गई है। लेकिन पानी नहीं रहने से धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
चाहिए 2100 मिला 1200 क्यूसेक पानी
जौनपुर। जिले में खरीफ के फसलों की सिंचाई के लिए सरकार से पानी की मांग पिछले महिने में ही की गई थी। इस दौरान कुल 2100 क्यूसेक पानी की मांग की गई है। लेकिन अभी तक महज 1200 क्यूसेक पानी ही मिल पाया है। 900 क्यूसेक पानी अभी भी नहीं मिल पाया है। जिसके कारण जिले की अभी भी तमाम नहरेें सूखी हुई हैं।
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लक्ष्य से कम पानी मिलने के कारण सभी नहरों में पानी नहीं जा पा रहा है। सभी नहरों में पानी रहे। इसके लिए शेष बचे 900 क्यूसेक पानी और छोड़ने की मांग की गई है। अगर शीघ्र ही पानी मिल जाएगा तो सभी नहरें पानी से लबालब हो जाएंगी।-आशीष कुमार कुशवाहा, एक्सईएन, सिंचाई
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जिले में छोटी व बड़ी मिलाकर कुल 307 नहरें है। इसकी लंबाई 1705 किलोमीटर है। इन नहरों से कुल 67 हजार 112 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। नहरों में पानी नहीं आने से इन कृषि योग्य भूमि की सिंचाई भी पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है। इस समय मात्र 75 नहरों में ही पानी आ रहा है। जबकि 232 नहरें सूखी पड़ी है। इसमें बेलवार, मड़वा, अल्लापुर, पहाड़पुर, पौवा, राजापुर आदि नहरें हैं। इसमें अभी तक पानी नहीं आया है। ।जिससे जिन नहरों में पानी आ रहा है। वह भी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। पानी नहीं आने से खेतों में पड़े धान की नर्सरी सहित अन्य खरीफ के फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। जिसकी चिंता किसानों के चेहरे पर झलक रही है। वहीं जिन किसानों के यहां धान की नर्सरी भी तैयार हो गई है। लेकिन पानी नहीं रहने से धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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चाहिए 2100 मिला 1200 क्यूसेक पानी
जौनपुर। जिले में खरीफ के फसलों की सिंचाई के लिए सरकार से पानी की मांग पिछले महिने में ही की गई थी। इस दौरान कुल 2100 क्यूसेक पानी की मांग की गई है। लेकिन अभी तक महज 1200 क्यूसेक पानी ही मिल पाया है। 900 क्यूसेक पानी अभी भी नहीं मिल पाया है। जिसके कारण जिले की अभी भी तमाम नहरेें सूखी हुई हैं।
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लक्ष्य से कम पानी मिलने के कारण सभी नहरों में पानी नहीं जा पा रहा है। सभी नहरों में पानी रहे। इसके लिए शेष बचे 900 क्यूसेक पानी और छोड़ने की मांग की गई है। अगर शीघ्र ही पानी मिल जाएगा तो सभी नहरें पानी से लबालब हो जाएंगी।-आशीष कुमार कुशवाहा, एक्सईएन, सिंचाई