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नानजिंग विवि के साथ हस्ताक्षरित होगा आईएमओयू
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:12 AM IST
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जौनपुर। चीन के नानजिंग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित अकादमिक गतिविधियों में भाग लेकर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम यादव सोमवार को स्वदेश लौट आए। एक सप्ताह बाद विश्वविद्यालय वापस लौटने पर परिसर में शिक्षकों ने उनका स्वागत किया।
कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने बताया कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय का नानजिंग विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के साथ शीघ्र ही आईएमओयू ( इंटनेशनल मेमोरंडम आफ़ अंडरस्टैंडिंग) हस्ताक्षरित होगा। इससे पूर्वांचल विश्वविद्यालय की विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में वैश्विक छवि सुधरेगी। चीन में कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने अल्ट्रासोनिक्स इन नैनो साइंस एंड टेक्नोलाजी एवं अल्ट्रा सोनिक्स फार एडवांस टेक्नोलाजी विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। प्रो. यादव आठ से 15 जून तक नानजिंग विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के साथ अल्ट्रा सोनिक्स और नैनो टेक्नोलाजी के विभिन्न आयामों पर मंथन किया। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासोनिक तकनीक के द्वारा आठ से 10 नैनो मीटर तक पार्टिकल का आकार बताया जा सकता है। नानजिंग विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के आप्टिकल टेक्नोलाजी के शोध निदेशक प्रो. ल्यू से आप्टिकल तकनीक पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। बताया कि चीन द्वारा निर्मित आप्टिकल सूक्ष्मदर्शी काफी सफल और सस्ती है। विश्वविद्यालय में भी इस क्षेत्र में शोध हो इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। प्रो. यादव ने नानजिंग विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारत की संस्कृति से भी रूबरू कराया।
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कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने बताया कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय का नानजिंग विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के साथ शीघ्र ही आईएमओयू ( इंटनेशनल मेमोरंडम आफ़ अंडरस्टैंडिंग) हस्ताक्षरित होगा। इससे पूर्वांचल विश्वविद्यालय की विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में वैश्विक छवि सुधरेगी। चीन में कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने अल्ट्रासोनिक्स इन नैनो साइंस एंड टेक्नोलाजी एवं अल्ट्रा सोनिक्स फार एडवांस टेक्नोलाजी विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। प्रो. यादव आठ से 15 जून तक नानजिंग विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के साथ अल्ट्रा सोनिक्स और नैनो टेक्नोलाजी के विभिन्न आयामों पर मंथन किया। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासोनिक तकनीक के द्वारा आठ से 10 नैनो मीटर तक पार्टिकल का आकार बताया जा सकता है। नानजिंग विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के आप्टिकल टेक्नोलाजी के शोध निदेशक प्रो. ल्यू से आप्टिकल तकनीक पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। बताया कि चीन द्वारा निर्मित आप्टिकल सूक्ष्मदर्शी काफी सफल और सस्ती है। विश्वविद्यालय में भी इस क्षेत्र में शोध हो इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। प्रो. यादव ने नानजिंग विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारत की संस्कृति से भी रूबरू कराया।
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