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Updated Thu, 31 May 2018 12:44 AM IST
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जौनपुर। मृदा नमूना लेने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर तैनात कृषि तकनीकी सहायकों को जिम्मेदारी सौपी गई है। उन्हें गांव वार लक्ष्य भी आवंटित कर दिया गया है। अभी तक 14255 मृदा नमूने लिए जा चुके हैं। 7285 मृदा नमूनों की जांच हो चुकी है। जांच हुए मृदा नमूनों की रिपोर्ट आनलाइन फीड करने का कार्य किया जा रहा है।
किसान धान की नर्सरी डालने का कार्य शुरू कर दिए हैं। उधर कृषि विभाग भी किसानों के खेतों से मृदा नमूना लेकर परीक्षण करने में जुट गया है। जिले में चालू वित्तीय वर्ष में कुल 42806 मृदा नमूना लेने और 31 दिसंबर तक मृदा रिपोर्ट कार्ड वितरित करने का लक्ष्य रखा है। मृदा नमूना लेने के लिए कृषि विभाग द्वारा न्याय पंचायत स्तर पर तैनात कृषि तकनीकी सहायकों को दिया गया है। उनके द्वारा अपने-अपने न्याय पंचायत के गांवों में किसानों के घर-घर जाकर मृदा नमूना लेने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक लिए गए 14255 मृदा नमूनों में से 7285 की जांच भी हो चुकी है। किसानों को रिपोर्ट कार्ड वितरित किए जाने के साथ ही उनके खेत में पोषक तत्वों की कमी को बढ़ाने के लिए बताया भी जाएगा।
जौनपुर। ग्रिड के आधार पर किसानों के खेतों से मृदा के नमूने लिए जाते हैं। इस दौरान सिंचित क्षेत्र में ढ़ाई हेक्टेयर भूमि पर एक नमूना और असिंचित क्षेत्र में 10 हेक्टेयर पर एक नमूना लेने का कार्य किया जाता है। एक नमूने में जितने किसानों की भूमि होती है, उन सभी को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया जाता है।
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इनसेट:
जिला मुख्यालय व तहसील स्तर पर स्थित लैब में होती है जांच
जौनपुर। मृदा नमूनों की जांच कृषि विभाग के तहसील व जिला मुख्यालय पर स्थित लैब में की जाती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश आदि सामान्य पोषक तत्वों की जांच तहसील स्तर पर स्थित लैब में की जाती है। कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, आयरन, नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश आदि सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच की जिला मुख्यालय पर स्थित लैब में की जाती है।
कृषि तकनीकी सहायकों द्वारा मृदा का नमूना ग्रिड के आधार पर लिया जा रहा है। नमूनों की जांच भी कराई जा रही है जिससे रिपोर्ट आन लाइन फीड कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को दिया जा सके। - अमित कुमार चौबे, जिला कृषि अधिकारी।
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किसान धान की नर्सरी डालने का कार्य शुरू कर दिए हैं। उधर कृषि विभाग भी किसानों के खेतों से मृदा नमूना लेकर परीक्षण करने में जुट गया है। जिले में चालू वित्तीय वर्ष में कुल 42806 मृदा नमूना लेने और 31 दिसंबर तक मृदा रिपोर्ट कार्ड वितरित करने का लक्ष्य रखा है। मृदा नमूना लेने के लिए कृषि विभाग द्वारा न्याय पंचायत स्तर पर तैनात कृषि तकनीकी सहायकों को दिया गया है। उनके द्वारा अपने-अपने न्याय पंचायत के गांवों में किसानों के घर-घर जाकर मृदा नमूना लेने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक लिए गए 14255 मृदा नमूनों में से 7285 की जांच भी हो चुकी है। किसानों को रिपोर्ट कार्ड वितरित किए जाने के साथ ही उनके खेत में पोषक तत्वों की कमी को बढ़ाने के लिए बताया भी जाएगा।
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जौनपुर। ग्रिड के आधार पर किसानों के खेतों से मृदा के नमूने लिए जाते हैं। इस दौरान सिंचित क्षेत्र में ढ़ाई हेक्टेयर भूमि पर एक नमूना और असिंचित क्षेत्र में 10 हेक्टेयर पर एक नमूना लेने का कार्य किया जाता है। एक नमूने में जितने किसानों की भूमि होती है, उन सभी को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया जाता है।
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जिला मुख्यालय व तहसील स्तर पर स्थित लैब में होती है जांच
जौनपुर। मृदा नमूनों की जांच कृषि विभाग के तहसील व जिला मुख्यालय पर स्थित लैब में की जाती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश आदि सामान्य पोषक तत्वों की जांच तहसील स्तर पर स्थित लैब में की जाती है। कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, आयरन, नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश आदि सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच की जिला मुख्यालय पर स्थित लैब में की जाती है।
कृषि तकनीकी सहायकों द्वारा मृदा का नमूना ग्रिड के आधार पर लिया जा रहा है। नमूनों की जांच भी कराई जा रही है जिससे रिपोर्ट आन लाइन फीड कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को दिया जा सके। - अमित कुमार चौबे, जिला कृषि अधिकारी।