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चेतावनी के बाद भी नहीं हटाया गया अतिक्रमण
Updated Wed, 23 May 2018 11:48 PM IST
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बक्शा। सवंसा गांव के पास राष्ट्रीय राज्य मार्ग निर्माण में बाधक बन रहे मकानों को बुधवार को सुरक्षा के बीत हटावाया। उपजिलाधिकारी सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी व विमल दुबे के साथ क्षेत्राधिकारी मछलीशहर की मौजूदगी में चार थानों की फोर्स और पीएससी तैनात की गई थी। जेसीबी लगाकर रास्ते में पड़ने वाले भवनों को गिराया गया। लोगों ने प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।
दोपहर में बक्शा थाने पर सिकरारा एवं मछलीशहर ,बदलापुर सिकरारा थाने की फोर्स के साथ पीएसी के जवानों मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में उपजिलाधिकारी सदर, सीओ मछलीशहर, तहसीलदार सदर एवं राजस्व टीम के साथ सवंसा गांव पहुंच गए। पूर्व में नोटिस दिए हुए चिन्हित मकानों को ढहाने की सिलसिला शुरू हुआ तो लोगों की भीड़ जुट गई। गांव के महेंद्र उपाध्याय ने मकान में सामान रखे होने की बात कह कर विरोध करने लगे। जिसपर एसडीएम सदर द्वारा उन्हें मकान खाली करने के लिए दो दिन का समय देकर आगे बढ़ गए। किसानों ने एक बार विरोध किया परन्तु प्रशानिक सख्ती के चलते विरोध कर रहे लोग शांत हो गए। जेसीबी मशीनों ने मकानों के अलावा दर्जनों पेड़ों को गिरा दिया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में जिन-जिन किसानों को नोटिस दी जा चुकी है उन्ही किसानों द्वारा किया गया कब्जा हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कुछ जान बूझ कर अपना पैसा नहीं ले रहे हैं। कुछ किसान मुआवजा पाने के बाद भी कब्जा नहीं हटा रहे है।
दोपहर में बक्शा थाने पर सिकरारा एवं मछलीशहर ,बदलापुर सिकरारा थाने की फोर्स के साथ पीएसी के जवानों मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में उपजिलाधिकारी सदर, सीओ मछलीशहर, तहसीलदार सदर एवं राजस्व टीम के साथ सवंसा गांव पहुंच गए। पूर्व में नोटिस दिए हुए चिन्हित मकानों को ढहाने की सिलसिला शुरू हुआ तो लोगों की भीड़ जुट गई। गांव के महेंद्र उपाध्याय ने मकान में सामान रखे होने की बात कह कर विरोध करने लगे। जिसपर एसडीएम सदर द्वारा उन्हें मकान खाली करने के लिए दो दिन का समय देकर आगे बढ़ गए। किसानों ने एक बार विरोध किया परन्तु प्रशानिक सख्ती के चलते विरोध कर रहे लोग शांत हो गए। जेसीबी मशीनों ने मकानों के अलावा दर्जनों पेड़ों को गिरा दिया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में जिन-जिन किसानों को नोटिस दी जा चुकी है उन्ही किसानों द्वारा किया गया कब्जा हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कुछ जान बूझ कर अपना पैसा नहीं ले रहे हैं। कुछ किसान मुआवजा पाने के बाद भी कब्जा नहीं हटा रहे है।
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