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करोड़ों खर्च के बाद भी प्रदूषित जल पीने को मजबूर हैं लोग
Updated Sat, 19 May 2018 12:49 AM IST
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नाले में पीने का पानी
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अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। नगर पालिका द्वारा पेयजल के लिए घर-घर सप्लाई किया जा रहा पानी पीने लायक नहीं है। पाइप में जगह-जगह लीकेज होने से नालियों का गंदा पानी इस पाइप के सहारे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। तीन लाख की आबादी वाले इस शहर में नगर पालिका प्रशासन लोगों को शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। मजबूरी में लोग आरओ का पानी खरीद कर पी रहे हैं। उधर नगर पालिका लोगों से जल कर और गृह कर के नाम पर लाखों की वसूली कर रहा है।
शहर में 1936 में जलकल की पाइप लाइन बिछाई गई थी। कुछ इलाकों में पानी बदले गए और कुछ इलाकों में पुराने पाइप के सहारे पानी की सप्लाई हो रही है। स्थिति यह है कि ओलंदगंज, रूहट्टा, धरनीधरपुर, मियांपुर, भरौटी, सिविल लाइन, कलेक्ट्रेट, रामनगर भड़सरा सहित 20 से अधिक स्थानों पर पाइप लिकेज है। जिससे नाले का पानी बहकर आता है। शहर में 34 हजार 616 घर हैं। जिसमें 16 हजार 131 घरों में जल कल के सहारे लोग शुद्घ पानी पीते हैं। नगर पालिका परिषद का जल निगम विभाग लोगों को शुद्घ पेय जल के नाम पर प्रदूषित पानी पिला रहा है। शिकायतों के बाद भी पानी का लिकेज ठीक नहीं किया जाता जिससे दिक्कतें आती हैं। स्वास्थ्य विभाग और जलकल की संयुक्त टीम कभी भी वोटी टेस्ट नहीं करती। जिससे पानी के प्रदूषण का पता नहीं चल पाता है। यूं कहा जाए कि आधा नगर प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर है। ओलंदगंज, रूहट्टा में कई दिनों से सड़क पर जलकल का पाइप टूटकर नाले में बह रहा है और नाले का पानी पाइप में जा रहा है। जिससे जल प्रदूषित हो रहा है। बावजूद इसके इसे कई दिनों बाद भी ठीक नहीं किया जा सका है।
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जौनपुर। नगर पालिका द्वारा पेयजल के लिए घर-घर सप्लाई किया जा रहा पानी पीने लायक नहीं है। पाइप में जगह-जगह लीकेज होने से नालियों का गंदा पानी इस पाइप के सहारे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। तीन लाख की आबादी वाले इस शहर में नगर पालिका प्रशासन लोगों को शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। मजबूरी में लोग आरओ का पानी खरीद कर पी रहे हैं। उधर नगर पालिका लोगों से जल कर और गृह कर के नाम पर लाखों की वसूली कर रहा है।
शहर में 1936 में जलकल की पाइप लाइन बिछाई गई थी। कुछ इलाकों में पानी बदले गए और कुछ इलाकों में पुराने पाइप के सहारे पानी की सप्लाई हो रही है। स्थिति यह है कि ओलंदगंज, रूहट्टा, धरनीधरपुर, मियांपुर, भरौटी, सिविल लाइन, कलेक्ट्रेट, रामनगर भड़सरा सहित 20 से अधिक स्थानों पर पाइप लिकेज है। जिससे नाले का पानी बहकर आता है। शहर में 34 हजार 616 घर हैं। जिसमें 16 हजार 131 घरों में जल कल के सहारे लोग शुद्घ पानी पीते हैं। नगर पालिका परिषद का जल निगम विभाग लोगों को शुद्घ पेय जल के नाम पर प्रदूषित पानी पिला रहा है। शिकायतों के बाद भी पानी का लिकेज ठीक नहीं किया जाता जिससे दिक्कतें आती हैं। स्वास्थ्य विभाग और जलकल की संयुक्त टीम कभी भी वोटी टेस्ट नहीं करती। जिससे पानी के प्रदूषण का पता नहीं चल पाता है। यूं कहा जाए कि आधा नगर प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर है। ओलंदगंज, रूहट्टा में कई दिनों से सड़क पर जलकल का पाइप टूटकर नाले में बह रहा है और नाले का पानी पाइप में जा रहा है। जिससे जल प्रदूषित हो रहा है। बावजूद इसके इसे कई दिनों बाद भी ठीक नहीं किया जा सका है।
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