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बीजशोधन कार्यक्रम को अभियान के रूप में मानाने का निर्णय
Updated Thu, 17 May 2018 12:12 AM IST
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जौनपुर। कृषि रक्षा अनुभाग द्वारा बुधवार को जिला कृषि रक्षा कार्यालय में बैठक की गई। जिसमें बुधवार से शुरू होकर 15 जून तक चलने वाले बीजशोधन कार्यक्रम को अभियान के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान बीज व भूमि शोधन अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे ने बताया कि फसलों मे रोग, बीज, मृदा, वायु, जल एवं कीटों के द्वारा फैलते हैं। बीज जनित व भूमि जनित रोगों से आगामी बोई जाने वाली फसलों के बचाव के लिए बीज शोधन व भूमि शोधन बहुत आवश्यक है। खरीफ 2018 में बोई जाने वाली प्रमुख फसलों के बीजों का शत प्रतिशत बीज शोधन कराने के लिये जनपद में 16 मई से लेकर 15 जून तक अभियान चलाया जाएगा। जिसमें कृषक गोष्ठी, किसान मेला व प्रदर्शनी आदि के माध्यम से व्यापक स्तर पर शत प्रतिशत बीजो का शोधन कराया जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार राय ने ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत प्राविधिक सहायकों को बीजशोधन हेतु फसलवार रसायनों की मात्रा व प्रयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होने कहा कि धान की फसल में विभिन्न बीज जनित रोगों की रोकथाम के लिये थीरम 75 प्रतिशत डब्ल्यूएस 2.50 ग्राम अथवा कार्बेंडाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज में मिलाकर बीज का शोधन करना चाहिए। वरिष्ठ प्राविधिक सहायक रामनिधि मिश्र ने बताया कि बीज शोधन का कार्यक्रम जिले के प्रत्येक राजस्व ग्राम में चलाया जाएगा। प्रशिक्षण में भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम ओंकार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी द्वितीय विनोद कुमार यादव, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी मनराज यादव ,वरिष्ठ प्राविधिक सहायक, ग्रुप-बी संतोष कुमार उपाध्याय, प्राविधिक सहायक शुभचित यादव आदि मौजूद रहे।
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जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे ने बताया कि फसलों मे रोग, बीज, मृदा, वायु, जल एवं कीटों के द्वारा फैलते हैं। बीज जनित व भूमि जनित रोगों से आगामी बोई जाने वाली फसलों के बचाव के लिए बीज शोधन व भूमि शोधन बहुत आवश्यक है। खरीफ 2018 में बोई जाने वाली प्रमुख फसलों के बीजों का शत प्रतिशत बीज शोधन कराने के लिये जनपद में 16 मई से लेकर 15 जून तक अभियान चलाया जाएगा। जिसमें कृषक गोष्ठी, किसान मेला व प्रदर्शनी आदि के माध्यम से व्यापक स्तर पर शत प्रतिशत बीजो का शोधन कराया जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार राय ने ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत प्राविधिक सहायकों को बीजशोधन हेतु फसलवार रसायनों की मात्रा व प्रयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होने कहा कि धान की फसल में विभिन्न बीज जनित रोगों की रोकथाम के लिये थीरम 75 प्रतिशत डब्ल्यूएस 2.50 ग्राम अथवा कार्बेंडाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज में मिलाकर बीज का शोधन करना चाहिए। वरिष्ठ प्राविधिक सहायक रामनिधि मिश्र ने बताया कि बीज शोधन का कार्यक्रम जिले के प्रत्येक राजस्व ग्राम में चलाया जाएगा। प्रशिक्षण में भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम ओंकार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी द्वितीय विनोद कुमार यादव, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी मनराज यादव ,वरिष्ठ प्राविधिक सहायक, ग्रुप-बी संतोष कुमार उपाध्याय, प्राविधिक सहायक शुभचित यादव आदि मौजूद रहे।
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