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जमानत होने के बाद एसडीएम ने फिर दोनों मुल्जिमों को भेजा जेल
Updated Wed, 16 May 2018 11:44 PM IST
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मड़ियाहूं(जौनपुर)। एसडीएम कोर्ट से दो मुल्जिम की जमानत होने के कुछ देर बाद मंगलवार को दोनों को जेल भेज दिया। इसका विरोध मुल्जिमों के अधिवक्ताओं ने किया। उनका कहना है कि गुमनाम फोन आने के बाद यह किया गया है।
मड़ियाहू कोतवाली क्षेत्र के नद्दीरामपुर गांव के मनोज यादव, राकेश यादव और पड़ोसी के परिवार के बच्चों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। पुलिस ने मंगलवार की शाम मनोज व राकेश का शांतिभंग में चालान कर दिया। एसडीएम मोतीलाल यादव ने अधिवक्ता चंद्रेश यादव के द्वारा पेश मुचलकों एवं कागजात देखकर दोनों को रिहा कर दिया। कुछ देर बाद पुलिस वकील के बस्ते पर आकर दोनों को गिरफ्तार कर ले गई। एसडीएम के सामने उनको पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया। अधिवक्ता चंद्रेश यादव व केशव यादव ने इसका विरोध किया। बुधवार को तहसील खुली तो अधिवक्ताओं को एसडीएम के इस कारवाई का पता चलते ही आक्रोश व्याप्त हो गया और एकजुट होकर एसडीएम के पास पहुंच गये। लेकिन एसडीएम अपने को बचाते हुए जौनपुर मिटिंग में चले गये। एसडीएम मोतीलाल यादव का कहना है जमानत का कागज सत्यापन के लिए भेजा गया था। कागज का सत्यापन होने के बाद बुधवार को दोनों को छोड़ दिया गया।
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मड़ियाहू कोतवाली क्षेत्र के नद्दीरामपुर गांव के मनोज यादव, राकेश यादव और पड़ोसी के परिवार के बच्चों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। पुलिस ने मंगलवार की शाम मनोज व राकेश का शांतिभंग में चालान कर दिया। एसडीएम मोतीलाल यादव ने अधिवक्ता चंद्रेश यादव के द्वारा पेश मुचलकों एवं कागजात देखकर दोनों को रिहा कर दिया। कुछ देर बाद पुलिस वकील के बस्ते पर आकर दोनों को गिरफ्तार कर ले गई। एसडीएम के सामने उनको पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया। अधिवक्ता चंद्रेश यादव व केशव यादव ने इसका विरोध किया। बुधवार को तहसील खुली तो अधिवक्ताओं को एसडीएम के इस कारवाई का पता चलते ही आक्रोश व्याप्त हो गया और एकजुट होकर एसडीएम के पास पहुंच गये। लेकिन एसडीएम अपने को बचाते हुए जौनपुर मिटिंग में चले गये। एसडीएम मोतीलाल यादव का कहना है जमानत का कागज सत्यापन के लिए भेजा गया था। कागज का सत्यापन होने के बाद बुधवार को दोनों को छोड़ दिया गया।
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