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बाबा की मजार पर चढ़ाई चादर, मांगी मुरादें
Updated Mon, 07 May 2018 12:24 AM IST
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जौनपुर। हजरत मखदूम अली शाह का उर्स मुबारक शनिवार की रात बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया। शहर के मोहल्ला मीरमस्त स्थित मदीना मस्जिद परिसर में स्थित बाबा कीमजार पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने चादर पोशी की और मुल्क की तरक्की व अमन चैन के लिए दुआ मांगी। उर्स में सभी धर्म और मजहब के लोगों ने हिस्सा लिया।
उर्स का शुभारंभ सुबह सात बजे कुरआनख्वानी से हुआ। बाद नमाज असर पांच बजे जलसा सीरतुन्नबी का आयोजन किया गया। जिसमें मौलाना कयामुद्दीन ने कहा कि मखदूम अली शाह बाबा अकेले किसी एक धर्म मजहब के नहीं थे। उनके दरबार में जब भी कोई आता था तो खाली हाथ नहीं जाता था। दुआ देते हुए सबकी भलाई के लिए समर्पित थे। मौलाना शम्सुद्दीन, हसीन मीरमस्ती, अकरम जौनपुरी, अदनान शकील, मुस्तईन जौनपुरी ने नाते नबी का नजराना पेश किया। नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर की सदाएं गूंजती रही। पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद, शकील मंसूरी, डा. हसीन बब्लू, मो. ताबिस छोटू, नजीम अंसारी, अशफाक मंसूरी, शाहिद सलमानी, वाहिद मंसूरी, आदि मौजूद थे।
उर्स का शुभारंभ सुबह सात बजे कुरआनख्वानी से हुआ। बाद नमाज असर पांच बजे जलसा सीरतुन्नबी का आयोजन किया गया। जिसमें मौलाना कयामुद्दीन ने कहा कि मखदूम अली शाह बाबा अकेले किसी एक धर्म मजहब के नहीं थे। उनके दरबार में जब भी कोई आता था तो खाली हाथ नहीं जाता था। दुआ देते हुए सबकी भलाई के लिए समर्पित थे। मौलाना शम्सुद्दीन, हसीन मीरमस्ती, अकरम जौनपुरी, अदनान शकील, मुस्तईन जौनपुरी ने नाते नबी का नजराना पेश किया। नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर की सदाएं गूंजती रही। पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद, शकील मंसूरी, डा. हसीन बब्लू, मो. ताबिस छोटू, नजीम अंसारी, अशफाक मंसूरी, शाहिद सलमानी, वाहिद मंसूरी, आदि मौजूद थे।
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