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अमर उजाला के स्थापना दिवस की खबर
Updated Sat, 05 May 2018 12:36 AM IST
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षित भी बनाएगा और हुनरमंद भी। स्थानीय उत्पादों को बाजार की जरूरत के अनुरूप बनाएगा। इस उत्पाद की मार्केटिंग भी जाएगी। विश्वविद्यालय में फूड प्रासेसिंग और पैकेजिंग की यूनिट स्थापित करने की योजना है। इसके लिए राज्यपाल को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है।
कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने बताया कि जिले के प्रमुख उत्पाद मक्का, मूली और चना से फूड प्रोडक्ट बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय क्षेत्र के किसानों से अच्छे दाम पर क्रय करेगा। बाजार की जरूरतों के हिसाब से प्रॉसेस करके खाद्य पदार्थ तैयर किया जाएगा। उसकी पैकिंग की जाएगी। विश्वविद्यालय में तैयार उत्पाद को एमबीए के छात्रों के जरिए बाजार में पहुंचाया जाएगा। उत्पादन इकाई का संचालन एक ट्रस्ट के जरिए किया जाएगा, जिसके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शासन से इसके लिए अनुमति मांगी गई है। अनुभवी वैज्ञानिकों की मदद से फूड प्रॉसेसिंग की तकनीकी पर काम किया जाएगा। दौ सौ एकड़ में फैले विश्वविद्यालय परिसर में 100 एकड़ में खेती की जाती है जबकि शेष भूमि में भवन हैं। यहां खेती की आधुनिक तकनीक पर भी शोध किया जाएगा। विश्वविद्यालय में मशरूम की खेती पर काम चल रहा है, जिससे किसानों को भी इससे जोड़ गया है। परिसर में एक होटल की स्थापना की भी तैयारी है। विश्वविद्यालय के इस पहल से न केवल आय बढ़ेगी बल्कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जुड़े छात्रों को प्रशिक्षण भी मिलेगा।
विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटेड एलएलबी प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी चल रही। साथ ही बीबीए के साथ एलएलबी का पांच वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। फार्मेसी संस्थान को भी विकसित किया जाएगा।
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चीन से सहयोग की आस
जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम यादव को चीन से बुलावा मिला है। वह विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आदान-प्रदान के लिए इसी सप्ताह चान जाने वाले हैं। वह शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार पर चीन के विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे। उनका विज्ञान और तकनीकी शिक्षा पर व्याख्यान भी है। कुलपति का कहना है कि चीन यात्रा से शिक्षा के क्षेत्र में विकास में मदद मिलेगी।
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कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने बताया कि जिले के प्रमुख उत्पाद मक्का, मूली और चना से फूड प्रोडक्ट बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय क्षेत्र के किसानों से अच्छे दाम पर क्रय करेगा। बाजार की जरूरतों के हिसाब से प्रॉसेस करके खाद्य पदार्थ तैयर किया जाएगा। उसकी पैकिंग की जाएगी। विश्वविद्यालय में तैयार उत्पाद को एमबीए के छात्रों के जरिए बाजार में पहुंचाया जाएगा। उत्पादन इकाई का संचालन एक ट्रस्ट के जरिए किया जाएगा, जिसके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शासन से इसके लिए अनुमति मांगी गई है। अनुभवी वैज्ञानिकों की मदद से फूड प्रॉसेसिंग की तकनीकी पर काम किया जाएगा। दौ सौ एकड़ में फैले विश्वविद्यालय परिसर में 100 एकड़ में खेती की जाती है जबकि शेष भूमि में भवन हैं। यहां खेती की आधुनिक तकनीक पर भी शोध किया जाएगा। विश्वविद्यालय में मशरूम की खेती पर काम चल रहा है, जिससे किसानों को भी इससे जोड़ गया है। परिसर में एक होटल की स्थापना की भी तैयारी है। विश्वविद्यालय के इस पहल से न केवल आय बढ़ेगी बल्कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जुड़े छात्रों को प्रशिक्षण भी मिलेगा।
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विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटेड एलएलबी प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी चल रही। साथ ही बीबीए के साथ एलएलबी का पांच वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। फार्मेसी संस्थान को भी विकसित किया जाएगा।
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चीन से सहयोग की आस
जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम यादव को चीन से बुलावा मिला है। वह विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आदान-प्रदान के लिए इसी सप्ताह चान जाने वाले हैं। वह शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार पर चीन के विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे। उनका विज्ञान और तकनीकी शिक्षा पर व्याख्यान भी है। कुलपति का कहना है कि चीन यात्रा से शिक्षा के क्षेत्र में विकास में मदद मिलेगी।