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सोलह लाख दस हजार वसूली का आदेश
Updated Fri, 04 May 2018 12:08 AM IST
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ग्राम पंचायत शाहमऊ में प्रधान और अधिकारियों की मिलीभगत से अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित करने में दोषी पाए जाने पर जिला विकास अधिकारी ने बीडीओ को 16 लाख दस हजार की रिकवरी का आदेश दिया है। जिससे संबंधित लोगों में खलबली है। डीएम ने मामले की जांच एडीएम के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम को सौंपी थी।
गांव के निवासी चंद्रकांत पांडेय ने डीएम को दिए गए पत्रक में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सेक्रेटरी अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से 14 अपात्र लोगों को आवास दिया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच अपर जिलाधिकारी मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) नगर मजिस्ट्रेट, जिला विकास अधिकारी की एक तीन सदस्यीय संयुक्त टीम गठित कर करने को कहा। जांच में पाया गया कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से 14 आवासों का आवंटन अपात्र लोगों को कर दिया गया है। जिसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी गई। रिपोर्ट के बाद जिला विकास अधिकारी दयाराम ने खंड विकास अधिकारी सुइथाकला को निर्देशित किया कि सोलह लाख दस हजार रुपये की रिकवरी की जाए। जिसमें 45 फीसदी ग्राम पंचायत प्रधान, 45 फीसदी ग्राम पंचायत सेक्रेटरी , पांच फीसदी सेक्टर आवास प्रभारी, पांच फीसदी संबंधित लेखा अधिकारी से वसूली की जानी है। आदेश की प्रति विकास खंड मुख्यालय पर पहुंच गई है।
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गांव के निवासी चंद्रकांत पांडेय ने डीएम को दिए गए पत्रक में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सेक्रेटरी अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से 14 अपात्र लोगों को आवास दिया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच अपर जिलाधिकारी मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) नगर मजिस्ट्रेट, जिला विकास अधिकारी की एक तीन सदस्यीय संयुक्त टीम गठित कर करने को कहा। जांच में पाया गया कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से 14 आवासों का आवंटन अपात्र लोगों को कर दिया गया है। जिसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी गई। रिपोर्ट के बाद जिला विकास अधिकारी दयाराम ने खंड विकास अधिकारी सुइथाकला को निर्देशित किया कि सोलह लाख दस हजार रुपये की रिकवरी की जाए। जिसमें 45 फीसदी ग्राम पंचायत प्रधान, 45 फीसदी ग्राम पंचायत सेक्रेटरी , पांच फीसदी सेक्टर आवास प्रभारी, पांच फीसदी संबंधित लेखा अधिकारी से वसूली की जानी है। आदेश की प्रति विकास खंड मुख्यालय पर पहुंच गई है।
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