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गांवों में एंटीलार्वा का किया छिड़काव
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:24 AM IST
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जौनपुर। गर्मी के तेवर तल्ख होे के साथ ही जिला अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी पर हीट स्ट्रोक, फूड प्वाइजनिंग व डायरिया के मरीजों का आना शुरू हो गया है। मगर स्वास्थ्य महकमा ने अभी इसके लिए तैयारी नहीं की है। ऐसे मरीजों के लिए अलग से वार्ड तक नहीं बनाया गया है। जिला अस्पताल में अभी लू का शिकार कोई व्यक्ति नहीं आया लेकिन डायिरया के 45 रोगी एक पखवाड़े में भर्ती हो चुके हैं।
तापमान बढ़ने के साथ ही लोग हीट स्ट्रोक, डायरिया व फूड प्वाइंजनिंग के शिकार होने लगे हैं। इन बीमारियों का समय से उचित उपचार नहीं होने पर ये जानलेवा हो सकती हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन बीमारियों के रोगियों के उपचार के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं किया गया है। जिले में जिला अस्पताल पुरुष व महिला सहित 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 73 एडीशनल पीएचसी हैं। किसी भर गर्मी में होेने वाली बीमारियों के उपचार का प्रबंध नहीं किया गया है।
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नहीं खुला नियंत्रण कक्ष
जौनपुर। फूड प्वाजनिंग और दूषित पानी पीने से एक साथ तमाम लोग बीमार हो जाते हैं। इसको देखते हुए हर साल सीएमओ दफ्तर में गर्मी शुरू होने से पहले ही संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की स्थापना हो जाती है। किसी तरह की विषम स्थिति होने पर लोग इस पर सूचना दे देते हैं और टीम गांव में पहुंच जाती है। मगर अबकी बार नियंत्रण कक्ष ने ठीक से काम करना शुरू नहीं किया है। हालांकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ ओपी सिंह का दावा है कि नियंत्रण कक्ष स्थापित हो गया है। अभी अलग से वार्ड भले न बना हो लेकिन अस्पतालों में डायरिया और लू की दवाएं उपलब्ध हैं।
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