{"_id":"5ad645a74f1c1ba0098b5085","slug":"15239919771113-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"13 अधिकारी रहे अनुपस्थित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
13 अधिकारी रहे अनुपस्थित
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। संपूर्ण समाधान दिवस पर महज 12 फीसदी लोगों को ही समाधान मिल पाया। तेज धूप और गर्मी के बावजूद तहसीलों में फरियादियों की भीड़ लगी रही लेकिन अफसरों ने उनकी समस्या के समाधान में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। 625 शिकायतकर्ताओं में महज 77 को ही मौके पर समाधान मिल पाया। अफसरों की उदासीनता का आलम यह है कि बदलपुर तहसील में 13 अफसर आए ही नहीं। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एसडीएम में पत्र लिखा है।
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने मड़ियाहूं में जन सुनवाई की और आवास, राशन कार्ड, जमीन और रास्ते की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया। यहां 198 फरियादी आए, जिसमें 36 को समाधान मिला। उन्होंने शेष मामलों के निस्तारण का एक सप्ताह में आदेश अधिकारियों को दिया। सीडीओ आलोक सिंह, पुलिस अधीक्षक केके चैधरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी रामभुवन यादव, सीएमओ डा. ओपी सिंह आदि जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। उपजिलाधिकारी जगदंबा प्रसाद सिंह ने मछलीशहर तहसील सभागार में सुनवाई की। कुल 72 प्रार्थना पत्रों में से छह का मौके पर निस्तारण किया गया। एसडीएम रमापति राम बिंदु ने बदलापुर तहसील सभागार में जन समस्याएं सुनी। इस दौरान 42 प्रार्थना पत्रों में से पांच प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया। पुलिस उपाधीक्षक बदलापुर, सहायक अभियंता ग्रामीण, सहाययक अभियंता नलकूप, अवर अभियंता नलकूप, बीडीओ बदलापुर , बीडीओ महराजगंज , बीडीओ बक्शा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत बक्शा, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता बक्शा , क्षेत्रीय इंसपेक्टर जिला उद्योग, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण बक्शा, बदलापुर व महराजगंज आए ही नहीं थे। एसडीएम ने इन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। शाहगंज में तहसीलदार चंद्रेश कुमार सिंह सुनवाई की। यहां 120 शिकायतें आईं और 19 का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी मंगलेश दुबे ने केराकत तहसील सभागार में सुनवाई की और 101 आवेदनों में पांच का ही निस्तारण किया। उपजिलाधिकारी प्रियंका प्रियदर्शनी ने सदर तहसील सभागार में जन समस्याएं सुन कर निस्तारित किया। इस दौरान आए कुल 92 प्रार्थना पत्रों में से छह का मौके पर निस्तारण किया।
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने मड़ियाहूं में जन सुनवाई की और आवास, राशन कार्ड, जमीन और रास्ते की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया। यहां 198 फरियादी आए, जिसमें 36 को समाधान मिला। उन्होंने शेष मामलों के निस्तारण का एक सप्ताह में आदेश अधिकारियों को दिया। सीडीओ आलोक सिंह, पुलिस अधीक्षक केके चैधरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी रामभुवन यादव, सीएमओ डा. ओपी सिंह आदि जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। उपजिलाधिकारी जगदंबा प्रसाद सिंह ने मछलीशहर तहसील सभागार में सुनवाई की। कुल 72 प्रार्थना पत्रों में से छह का मौके पर निस्तारण किया गया। एसडीएम रमापति राम बिंदु ने बदलापुर तहसील सभागार में जन समस्याएं सुनी। इस दौरान 42 प्रार्थना पत्रों में से पांच प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया। पुलिस उपाधीक्षक बदलापुर, सहायक अभियंता ग्रामीण, सहाययक अभियंता नलकूप, अवर अभियंता नलकूप, बीडीओ बदलापुर , बीडीओ महराजगंज , बीडीओ बक्शा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत बक्शा, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता बक्शा , क्षेत्रीय इंसपेक्टर जिला उद्योग, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण बक्शा, बदलापुर व महराजगंज आए ही नहीं थे। एसडीएम ने इन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। शाहगंज में तहसीलदार चंद्रेश कुमार सिंह सुनवाई की। यहां 120 शिकायतें आईं और 19 का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी मंगलेश दुबे ने केराकत तहसील सभागार में सुनवाई की और 101 आवेदनों में पांच का ही निस्तारण किया। उपजिलाधिकारी प्रियंका प्रियदर्शनी ने सदर तहसील सभागार में जन समस्याएं सुन कर निस्तारित किया। इस दौरान आए कुल 92 प्रार्थना पत्रों में से छह का मौके पर निस्तारण किया।
विज्ञापन