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बजट खपाने के लिए दिमागी कसरत में जुटे विभाग
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:31 AM IST
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जौनपुर। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में पांच दिन रह गए हैं। साल भर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे अफसर और ठेकेदार आनन-फानन में बजट खर्च करने में लगे हैं। विभाग वसूली और खर्च का संतुलन बनाने में जुटे हैं और देर रात तक काम किया जा रहा है।
जो विभाग बजट होने के बावजूद पूरे साल विकास के काम में सुस्त बने रहे मार्च में वे भी तेज हो गए हैं। 14वें वित्त आयोग से वर्ष 2015-16 व लेकर 2017-18 में 233.36 करोड़ रुपये की रकम ग्राम पंचायतों को मिली थी। इसमें 198 करोड़ ही खर्च हो पाए हैं। बजट का 84.86 फीसदी धन फरवरी तक खर्च किया गया गया था जबकि 15 फीसदी रकम अंतिम दिनों में खर्च की जा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत छह सड़कों का चयन किया गया, जिनकी लंबाई लगभग 40 किलोमीटर है। इसको बनवाने के लिए 21 करोड़ का बजट जारी हुआ था। इसमें 25 किलोमीटर सड़क बनवाई गई। शेष 15 किलोमीटर पर काम अंतिम दिनों में किया जा रहा है। इसी योजना के तहत 56.6 किलोमीटर लंबी सात सड़कों के लिए 23 करोड़ रुपये जाराी हुए थे, जिसमें 26 किलोमीटर ही सड़क बनी है और काम तो महज दो सड़कों का पूरा हुआ है। इस तरह दस महीने में 50 फीसदी बजट ही खर्च हुआ था। आधी रकम फरवरी और मार्च में खपाई जा रही है।
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एक फ्लाईओवर समेत जिले में कुल 10 पुलों का निर्माण चल रहा है। जिसपर कुल लागत 133.25 करोड़ खर्च होना है। कार्यदायी संस्था राज्य सेतु निगम का दावा है कि 64.13 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। प्राप्त बजट का कुल हिस्सा खर्च किया गया है। पुनरीक्षित इस्टीमेट शासन को भेजा गया है।
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वाणिज्य कर विभाग को नहीं पता कितनी हुई वसूली
जौनपुर। जीएसटी लागू होने के चलते वाणिज्य कर विभाग को इत बात की जानकारी नहीं है कि इस साल किताना अयकर वसूल किया गया। हां इस साल 14226.75 लाख आयकर वसूल करने का लक्ष्य रखा गया था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विभाग के सर्वर कोषवाणी पर जिलेवार संग्रह को देखने के लिए माड्यूल में कोई व्यवस्था नहीं की गई है।