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मनरेगा मजदूरों ने हाईकोर्ट में दिया प्रार्थना पत्र
Updated Mon, 26 Mar 2018 12:15 AM IST
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बदलापुर / घनश्यामपुर । बदलापुर विकासखंड के आहोपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2010-11 में कंजिहिया तालाब का सुंदरीकरण मनरेगा के तहत कराया गया था। जिसमें 106 मनरेगा मजदूरों द्वारा 15 दिन तक काम किया गया था । लेकिन मनरेगा मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली। जबकि मनरेगा मजदूर अपनी मजदूरी की मांग ग्रामपंचायत अधिकारी से बराबर करते रहे ।लेकिन तत्कालीन ग्रामपंचायत अधिकारी व खंड विकास अधिकारी की शिथिलता के कारण उक्त मजदूरों को मजदूरी का भुगतान समय से नही कराया जा सका। मजदूरी के भुगतान में हो रहे विलंब से नाराज मजदूरों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर प्रकरण की पूरी जानकारी दी। इसके बाद 145 दिन विलम्ब से उक्त मजदूरों का बकाया एक 23हजार 100 रूपये का भगतान कर दिया गया । विलंब में हुए भुगतान से आक्रोशित मजदूरों ने मुआवजे की मांग को लेकर वाराणसी मंडल के उपश्रमायुक्त के न्यायालय में शिकायत की। उपश्रमायुक्त ने 25 रूपया प्रति मजदूर की दर से मुआवजा देने का आदेश दिया । उपश्रमायुक्त द्वारा दिया गया फैसला मजदूरों को मान्य नहीं था। मजदूरों ने मुआवजे की धनराशि अधिकतम तीन हजार व न्यूनतम पंद्रह सौ रूपये निर्धारित किए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है ।