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ोरंपरागत तरीके से मनाया गया नवरोज
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:32 AM IST
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जौनपुर। इमाम मोहम्मद बाकिर (अ.स.) का जन्म दिन परंपरागत तरीके से मनाया गया। बुधवार को नज्र एवं नेयाज का आयोजन मस्जिद और इमाम बारगाहों में अकीदत के साथ किया गया। शिया जामा मस्जिद में नज्र का आयोजन अलहाज सादिक मेंहदी के नेतृत्व में हुआ।
जौनपुर अजादारी काउंसिल के कार्यालय नकी फाटक में अध्यक्ष सैयद मोहम्मद हसन के नेतृत्व में नज्र का आयोजन किया गया। नवरोज की नज्र शेखनुरूल हसन मेमोरियल सोसाइटी कार्यालय में संस्था के संरक्षक शेख हसीन अहमद के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर असलम नकवी ने कहा कि 21 मार्च ईरान के शम्सी कलेंडर का पहला दिन नववर्ष को शिया समुदाय के लोग परंपरागत तरीके से विशेष नमाज, दुआ एवं नज्र के माध्यम से बड़े ही अकीदत के साथ मनाते हैं। यह नवरोज ईद की तरह महत्व रखता है। इसी दिन इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.अ.) ने अपने उत्तराधिकारी हजरत अली (अ.स.) की वेलायत की घोषण की थी। मिस्त्री एवं ईरानी कलेंडर में 21 मार्च का बहुत महत्व है। यह भी मान्यता है कि 21 मार्च को ही दुनिया अस्तित्व में आई। इसी लिए इस दिन की अहमियत है। संयोजक एएम डेजी ने रहबरे आजम, वेलायते फ़कीह, आयतुल्ला सैयद अली खामेनाई की सलामती एवं कौम मुल्क व कुनबे की तरक्की व खुशहाली के लिए दुआ कराई। इमाम के जन्म दिवस पर एक दूसरे के गले मिलकर मुबारक बाद पेस किया। इस अवसर पर अमीर हैदर, एमएम हीरा, तालिब रजा शकील, अली मंजर डेजी, सोनी, बेलाल, शब्बीर, राजू, शमीम अली, लल्लन, मोहम्मद काशिफ, जाशिम, नासिर रजा, गुड्डू आदि उपस्थित थे।
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जौनपुर अजादारी काउंसिल के कार्यालय नकी फाटक में अध्यक्ष सैयद मोहम्मद हसन के नेतृत्व में नज्र का आयोजन किया गया। नवरोज की नज्र शेखनुरूल हसन मेमोरियल सोसाइटी कार्यालय में संस्था के संरक्षक शेख हसीन अहमद के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर असलम नकवी ने कहा कि 21 मार्च ईरान के शम्सी कलेंडर का पहला दिन नववर्ष को शिया समुदाय के लोग परंपरागत तरीके से विशेष नमाज, दुआ एवं नज्र के माध्यम से बड़े ही अकीदत के साथ मनाते हैं। यह नवरोज ईद की तरह महत्व रखता है। इसी दिन इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.अ.) ने अपने उत्तराधिकारी हजरत अली (अ.स.) की वेलायत की घोषण की थी। मिस्त्री एवं ईरानी कलेंडर में 21 मार्च का बहुत महत्व है। यह भी मान्यता है कि 21 मार्च को ही दुनिया अस्तित्व में आई। इसी लिए इस दिन की अहमियत है। संयोजक एएम डेजी ने रहबरे आजम, वेलायते फ़कीह, आयतुल्ला सैयद अली खामेनाई की सलामती एवं कौम मुल्क व कुनबे की तरक्की व खुशहाली के लिए दुआ कराई। इमाम के जन्म दिवस पर एक दूसरे के गले मिलकर मुबारक बाद पेस किया। इस अवसर पर अमीर हैदर, एमएम हीरा, तालिब रजा शकील, अली मंजर डेजी, सोनी, बेलाल, शब्बीर, राजू, शमीम अली, लल्लन, मोहम्मद काशिफ, जाशिम, नासिर रजा, गुड्डू आदि उपस्थित थे।
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