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कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर बांधा समा
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:51 AM IST
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मुंगराबादशाहपुर। सार्वजनिक इंटर कालेज परिसर में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने रचनाओं से फागुनी बयार बहा दी। शृंगार से लगायत व्यवस्था पर तंज कसने से कवि पीछे नहीं हटे।
पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह, आयोजक भूपेन्द्र सिंह, पूर्व आईजी नागेंद्र सिंह, प्राचार्य विनोद सिंह, पूर्व प्राचार्य चंद्र बहादुर सिंह, पूर्व उप ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सिंह ने विजय बहादुर सिंह दीप जलाकर उद्घाटन किया। भावना तिवारी ने सरस्वती वंदना के शृंगार रस से ओतप्रोत कविता ‘तुम्हारी इक छुवन भर से सुहागन हो गई राते।’ सुनाई। शंकर कैमूरी ने कहा ‘बिक गए घर बार तो कुछ भी गम नही, हाथ बेटी के तो पीले हो गए’ से त्रासदी उजागर की। नजर इलाहाबादी ने ‘ संबंध की रेती मैं तुम्हारे पास लाया हूं’ विभा सिंह ने‘ मां की दुआओं की तरह तुझसे मिलूंगी’ सुनाया। हास्य कवि राजेंद्र सिंह राज, जितेंद्र जगत, धर्मराज मिश्र, गरिमा पांडेय, अशोक बेशरम ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर समा बांध दिया। सत्येंद्र सिंह फंटू , विमल सिंह , छोटे सिंह , धरम सिंह ,सर्वजीत सिंह,राकेश सिंह, सुनील सिंह ,अशोक मिश्र ,रिंटी सिंह, दीपू सिंह आदि मौजूद थे।
पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह, आयोजक भूपेन्द्र सिंह, पूर्व आईजी नागेंद्र सिंह, प्राचार्य विनोद सिंह, पूर्व प्राचार्य चंद्र बहादुर सिंह, पूर्व उप ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सिंह ने विजय बहादुर सिंह दीप जलाकर उद्घाटन किया। भावना तिवारी ने सरस्वती वंदना के शृंगार रस से ओतप्रोत कविता ‘तुम्हारी इक छुवन भर से सुहागन हो गई राते।’ सुनाई। शंकर कैमूरी ने कहा ‘बिक गए घर बार तो कुछ भी गम नही, हाथ बेटी के तो पीले हो गए’ से त्रासदी उजागर की। नजर इलाहाबादी ने ‘ संबंध की रेती मैं तुम्हारे पास लाया हूं’ विभा सिंह ने‘ मां की दुआओं की तरह तुझसे मिलूंगी’ सुनाया। हास्य कवि राजेंद्र सिंह राज, जितेंद्र जगत, धर्मराज मिश्र, गरिमा पांडेय, अशोक बेशरम ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर समा बांध दिया। सत्येंद्र सिंह फंटू , विमल सिंह , छोटे सिंह , धरम सिंह ,सर्वजीत सिंह,राकेश सिंह, सुनील सिंह ,अशोक मिश्र ,रिंटी सिंह, दीपू सिंह आदि मौजूद थे।
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