{"_id":"5aa423414f1c1bc0758b4c36","slug":"15207066081-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर प्रशिक्षकों को धोखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर प्रशिक्षकों को धोखा
Updated Sun, 11 Mar 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। हमारी योजना हमारा विकास कार्यक्रम के तहत जिला पंचायत राज विभाग की ओर से तैनात प्रशिक्षकों ने मानदेय में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोप है कि उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन की दर से मानदेय दिया जाना था लेकिन पांच दिन के लिए महज 500 रुपये का भुगतान किया गया।
सभी ब्लाकों में 105 प्रशिक्षकों को डिस्ट्रिक रिसोर्स ग्रुप के रूप में आवासीय प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया था। विकास खंड मुख्यालयों पर पांच पांच दिन का प्रशिक्षण दिलाया गया। मानदेय कम भुगतान करने की शिकायत लेकर 50 से अधिक की संख्या में प्रशिक्षक शुक्रवार को विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे। अफसर तो नहीं मिले लेकिन एक लिपिक ने कहा कि जो मिला है, उसी से संतोष करें। प्रशिक्षक चंदन कुमार का कहना है कि उनकी तैनाती के समय पांच सौ रुपये प्रतिदिन के प्रशिक्षण के हिसाब से देने का वादा किया गया था लेकिन भुगतान सौ रुपये की दर से किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रशिक्षकों को मानदेय दिए जाने के लिए रकम को लेकर कोई वादा नहीं किया गया था।
विज्ञापन
सभी ब्लाकों में 105 प्रशिक्षकों को डिस्ट्रिक रिसोर्स ग्रुप के रूप में आवासीय प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया था। विकास खंड मुख्यालयों पर पांच पांच दिन का प्रशिक्षण दिलाया गया। मानदेय कम भुगतान करने की शिकायत लेकर 50 से अधिक की संख्या में प्रशिक्षक शुक्रवार को विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे। अफसर तो नहीं मिले लेकिन एक लिपिक ने कहा कि जो मिला है, उसी से संतोष करें। प्रशिक्षक चंदन कुमार का कहना है कि उनकी तैनाती के समय पांच सौ रुपये प्रतिदिन के प्रशिक्षण के हिसाब से देने का वादा किया गया था लेकिन भुगतान सौ रुपये की दर से किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रशिक्षकों को मानदेय दिए जाने के लिए रकम को लेकर कोई वादा नहीं किया गया था।
विज्ञापन