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अंत्योदय गांवों का समग्र विकास योजना में कर लिया चयन
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:32 AM IST
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जौनपुर। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत गांवों के चयन में मानकों की अनदेखी करते हुए अंत्योदय योजना व डा. राममनोहर लोहिया समग्र विकास योजना का लाभ पाने वाले गांवों को भी शामिल कर लिया गया है। अकेले बक्शा विकास खंड के नई योजना में चयनित छह गांवों का पहले ही दूसरी योजनाओं के तहत विकास किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना की शुरुआत उपेक्षित गांवों का समग्र विकास करने के लिए की गई है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति बाहुल्य, मुसहरों की आबादी वाले, शहीद के गांव का चयन किया जाना है। चयन में यह भी ध्यान रखना है कि संपर्क मार्ग, विद्युतीकरण, पेयजल, नाली, जन कल्याणकारी योजनाओं एवं कौशल विकास आदि की सुविधाओं से गांव वंचित हों। भौगोलिक तौर पर सुदूर बसे गांवों को चयन में प्राथमिकता दी जानी है। बक्शा विकास खंड के छह ऐसे गांवों को नई योजना में चयन किया गया है, जिन्हें पहले से ही लोहिया या अंत्योदय जैसी योजना का लाभ मिल मिल चुका है। ब्लाक के अधिकारियों ने 19 फरवरी को जिला प्रशासन को चयनित गांवों की सूची भेजी थी, जिसमें सुल्तानपुर ,हैदरपुर, खुंसापुर, भुतहां, मैनुद्दीनपुर, गौराखुर्द, सड़ेरी, सराय विभार गांव शामिल है। इनमें से सुल्तानपुर, हैदरपुर, मैनुद्दीनपुर ,खुनसापुर, भुतहा और सराय विभार गांव का विकास अंत्योदय योजना के तहत किया जा रहा है जबकि सड़ेरी गांव का चयन पिछली सरकार में डा. राममनोहर लोहिया समग्र विकास योजना किया गया था।
इनसेट
सीएम समग्र विकास योजना
संपर्क मार्ग का निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में शौचालय बनवाना, गलियों का पक्का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र, बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन योजना, कौशल विकास, पौधरोपण, सोलर लाइनट, मनरेगा के तहत तालाब का निर्माण, डेयरी की स्थापना जैसे 24 योजनाओं में गांव का विकास किया जाना है।
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इनसेट
अंत्योदय योजना के लाभ
अंत्योदय योजना में चयनित गांवों को एक हजार दिन में गरीबी से मुक्त बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए गाम्य विकास के लिए संचालित सभी शासकीय योजनाओं का लाभ गांव के पात्र व्यक्तियों को दिया जाना है। नाली, खड़ंजा, शौचालाय, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की सुविधाएं गांव में मुहैया कराई जानी हैं।
खंड विकास अधिकारियों ने नई योजना में गांवों के चयन के लिए सूची मुझे सौंपी है। सूची का परीक्षण करवाएंगे। मानक को दरकिनार कर जिस गांव का चयन किया गया है वे सूची से बाहर होंगे और मनमानी करने वालों पर कार्रवाई भी होगी।-आलोक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना की शुरुआत उपेक्षित गांवों का समग्र विकास करने के लिए की गई है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति बाहुल्य, मुसहरों की आबादी वाले, शहीद के गांव का चयन किया जाना है। चयन में यह भी ध्यान रखना है कि संपर्क मार्ग, विद्युतीकरण, पेयजल, नाली, जन कल्याणकारी योजनाओं एवं कौशल विकास आदि की सुविधाओं से गांव वंचित हों। भौगोलिक तौर पर सुदूर बसे गांवों को चयन में प्राथमिकता दी जानी है। बक्शा विकास खंड के छह ऐसे गांवों को नई योजना में चयन किया गया है, जिन्हें पहले से ही लोहिया या अंत्योदय जैसी योजना का लाभ मिल मिल चुका है। ब्लाक के अधिकारियों ने 19 फरवरी को जिला प्रशासन को चयनित गांवों की सूची भेजी थी, जिसमें सुल्तानपुर ,हैदरपुर, खुंसापुर, भुतहां, मैनुद्दीनपुर, गौराखुर्द, सड़ेरी, सराय विभार गांव शामिल है। इनमें से सुल्तानपुर, हैदरपुर, मैनुद्दीनपुर ,खुनसापुर, भुतहा और सराय विभार गांव का विकास अंत्योदय योजना के तहत किया जा रहा है जबकि सड़ेरी गांव का चयन पिछली सरकार में डा. राममनोहर लोहिया समग्र विकास योजना किया गया था।
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सीएम समग्र विकास योजना
संपर्क मार्ग का निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में शौचालय बनवाना, गलियों का पक्का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र, बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन योजना, कौशल विकास, पौधरोपण, सोलर लाइनट, मनरेगा के तहत तालाब का निर्माण, डेयरी की स्थापना जैसे 24 योजनाओं में गांव का विकास किया जाना है।
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अंत्योदय योजना के लाभ
अंत्योदय योजना में चयनित गांवों को एक हजार दिन में गरीबी से मुक्त बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए गाम्य विकास के लिए संचालित सभी शासकीय योजनाओं का लाभ गांव के पात्र व्यक्तियों को दिया जाना है। नाली, खड़ंजा, शौचालाय, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की सुविधाएं गांव में मुहैया कराई जानी हैं।
खंड विकास अधिकारियों ने नई योजना में गांवों के चयन के लिए सूची मुझे सौंपी है। सूची का परीक्षण करवाएंगे। मानक को दरकिनार कर जिस गांव का चयन किया गया है वे सूची से बाहर होंगे और मनमानी करने वालों पर कार्रवाई भी होगी।-आलोक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी