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पीली नदी सूखनें से फसलों की सिंचाई को लेकर किसान हलकान
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:33 AM IST
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बदलापुर/ घनश्यामपुर। पीली नदी सूख गई है। इससे बदलापुर के आसपास के गांवों में सिंचाई का संकट पैदा हो गया है। इन गांवों में किसानों के पास नदी के अलावा सिंचाई का कोई साधन नहीं है। फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। नदी में जहां कहीं पानी बचा है, वहां को छोड़ कर शेष इलाके की फसल बरबादी कगार पर पहुंच गई है।
ग्राम खजुरन निवासी प्रमोद शुक्ल मोनू , रामपुर के बिहारी मौर्या, मरगूपुर के ग्राम प्रधान राजेश सिंह राजन, दुगौली के पूर्व प्रधान बाबूराम यादव, कस्तूरीपुर के भूलनराम केवट का कहना है कि कभी जनवरी माह में नदी का पानी नहीं सूखता था। नदी के पानी से ही फसल की सिंचाई आराम से हो जाती थी। जनवरी में ही नदी सूखने से खजुरन, पहितियापुर, रामपुर, मरगूपुर, दुगौलीकला , कस्तूरीपुर, दाउदपुर आदि गांवों के किसानों की फसल सिंचाई के अभाव में चौपट होने की कगार पर है। सिंचाई तो समस्या बनी ही है। इसके बावजूद नदियों के किनारे अपना ठाव बनाए हुए नील गाय के साथ ही अब आवारा पशु भी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्राम खजुरन निवासी प्रमोद शुक्ल मोनू , रामपुर के बिहारी मौर्या, मरगूपुर के ग्राम प्रधान राजेश सिंह राजन, दुगौली के पूर्व प्रधान बाबूराम यादव, कस्तूरीपुर के भूलनराम केवट का कहना है कि कभी जनवरी माह में नदी का पानी नहीं सूखता था। नदी के पानी से ही फसल की सिंचाई आराम से हो जाती थी। जनवरी में ही नदी सूखने से खजुरन, पहितियापुर, रामपुर, मरगूपुर, दुगौलीकला , कस्तूरीपुर, दाउदपुर आदि गांवों के किसानों की फसल सिंचाई के अभाव में चौपट होने की कगार पर है। सिंचाई तो समस्या बनी ही है। इसके बावजूद नदियों के किनारे अपना ठाव बनाए हुए नील गाय के साथ ही अब आवारा पशु भी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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