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फोट विषमता पर खड़ी है पूजीवाद की बुनियाद

Mon, 22 Jan 2018 01:00 AM IST
Updated Mon, 22 Jan 2018 01:00 AM IST
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फोट विषमता पर खड़ी है पूजीवाद की बुनियाद

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जौनपुर। स्वतंत्रता संग्राम में पूंजीवाद से मुक्ति का सपना देखा गया था लेकिन आज पूरा देश पूंजीवादी व्यवस्था की गिरफ्त में आ चुका है। यह चिंता का विषय है। साझी विरासत बचाओ चिंतन शिविर में यह बात कही गई। नौपेड़वा बाजार स्थित यादवेश इंटर कालेज के मैदान में रविवार को आयोजित शिविर में दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं सबके लिए एक जैसी शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय की मांग की।

बीएचयू के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. ओमशंकर ने कहा कि पूरी दुनियां में असमानता की मुख्य वजह न्याय में भेदबाव और नीतिगत बेईमानी है। सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक असमानता को धर्म और जाति के बंधनों को तोड़ना जरूरी है। जनसंख्या के आधार पर सर्वसमाज के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए। आगे आरक्षण की किसी को जरूरत न पड़े इसके लिए एक समान शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। चित्रकार डा. लाल रत्नाकर ने कहा कि वंचित समाज का शोषण होता ही है। इसे रोकने के लिए सबको सक्षम बनाना होगा। डा. मनराज शास्त्री ने कहा कि धर्म के नाम पर पाखंड और अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य से ही समाज आगे बढ़ सकता है। इस नाते शिक्षा और स्वास्थ्य को समान रूप से लागू कराना है। तभी समाज के संतुलित विकास का सपना साकार हो सकेगा। इस मौके पर ऊदल यादव, चतुर्भुज यादव, संजय यादव, प्रदीप कुमार, श्याम सुंदर, विशाल, रघुवंश, शैलेंद्र, अखिलेंद्र आदि ने विचार व्यक्त किया। अंत में आयोजक कमलेश यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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