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सड़क मरम्मत के नाम पर सरकारी खजाने की लूट
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:48 AM IST
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जौनपुर। सड़क मरम्मत के नाम पर सरकारी खजाने को लूटा जा रहा है। एक ही सड़क पर दो-दो निर्माण एजेंसियां मरम्मत का दावा कर रही हैं। ठेकेदार और अफसरों की मिलीभगत से यह खेल वैसे तो लंबे समय से चल रहा है। लेकिन इधर दो मामलों में इस खेल का खुलासा हो गया है। खुलासे के बाद जिले की प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने रिपोर्ट मांगी है। जांच के नाम पर मामले की लीपापोती में अफसर जुट गए हैं। डीएम ने इस मामले में जांच बैठा दी है।
मड़ियाहूं से मुकुंदपुर गांव तक दो किमी लंबी सड़क पहने से ही बनी है। पीडल्ब्यूडी निर्माण खंड ने इस सड़क पर 600 मीटर हिस्सा गड्ढामुक्त दिखाकर 24 हजार रुपये का भुगतान ठेकेदार को कर दिया। जिला पंचायत ने भी इसी सड़क को बनवाने के लिए स्थान नाम में फेरबदल कर 10 लाख रुपये ठेकेदार को दे दिए। मछलीशहर के सांसद प्रतिनिधि विजय चंद्र पटेल और भाजपा के नेता शमशेर सिंह ने जनवरी माह में जिले की प्रभारी मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी के समक्ष इस मामले का खुलासा समीक्षा बैठक में किया। मंत्री ने जिलाधिकारी को इस मामले में कार्रवाई करने को कहा था। जिलाधिकारी ने इसकी जांच बैठा दी है। अब दोनों विभागों के अफसर बचाव में जुटे हैं। आरोप यह है कि गोलमाल में शामिल लोगों को ही जांच कमेटी में भी जगह दे दी गई है।
जानकारों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बलिया-लखनऊ मार्ग से सरपतहां थाने को जाने वाली सड़क के नवीनीकरण का काम जिला पंचायत ने शुरू किया। उसी दौरान पीडब्लूडी के ठेकेदार ने भी मैटेरियल गिरा दिया। हो-हल्ला हुआ तो निर्माण कार्य रूक किया और जांच बैठा दी गई। जांच का जिम्मा सीडीओ को सौंपा गया। लेकिन चार माह बीत गए। सीडीओ की जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हुई। इसमें भी दोनों विभागों को क्लीनचिट मिलनी तय है। यह तो महज बानगी भर है। देखा जाय तो बड़े पैमाने पर ऐसी खेल हुई है। सर्वाधिक खेल जिला पंचायत की सड़कों में हुआ है। जिस सड़क को जिला पंचायत अपना बताता है। उसी सड़क पर विकासखंड से भी रूपए निकाल लिए गए हैं।
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कोट--
प्रभारी मंत्री के सामने मामला संज्ञान में आने के बाद जांच बैठा दी गई है। इसमें त्रिस्तरीय जांच कमेटी बनाई गई है। जिसमें आरईएस, जिला पंचायत और पीडब्लूडी के अधिकारियों को रखा गया है। रिपोर्ट आई नहीं है।-अरविंद मल्लपा बंगारी, जिलाधिकारी
कोट--
मड़ियाहूं से मुकुंदपुर सड़क निर्माण खंड पीडब्लूडी की है। इस वजह से इसे गड्ढामुक्त पीडब्लूडी द्वारा किया गया है। जिला पंचायत को टेंडर करने का कोई अधिकार नहीं है।-डीसी गुप्ता, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड
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कोट--
मड़ियाहूं से मुकुंदपुर सड़क जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर बनवाई गई है। इसका टेंडर वर्ष 2016-17 में हुआ था। जिला पंचायत ने इसका नवीनीकरण कराकर धन खर्च किया है। कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। ऐसे कई मामले हैं जहां ऐसा ही पीडब्लूडी ने जिला पंचायत की सड़कों पर काम किया है।-राहुल सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
मड़ियाहूं से मुकुंदपुर गांव तक दो किमी लंबी सड़क पहने से ही बनी है। पीडल्ब्यूडी निर्माण खंड ने इस सड़क पर 600 मीटर हिस्सा गड्ढामुक्त दिखाकर 24 हजार रुपये का भुगतान ठेकेदार को कर दिया। जिला पंचायत ने भी इसी सड़क को बनवाने के लिए स्थान नाम में फेरबदल कर 10 लाख रुपये ठेकेदार को दे दिए। मछलीशहर के सांसद प्रतिनिधि विजय चंद्र पटेल और भाजपा के नेता शमशेर सिंह ने जनवरी माह में जिले की प्रभारी मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी के समक्ष इस मामले का खुलासा समीक्षा बैठक में किया। मंत्री ने जिलाधिकारी को इस मामले में कार्रवाई करने को कहा था। जिलाधिकारी ने इसकी जांच बैठा दी है। अब दोनों विभागों के अफसर बचाव में जुटे हैं। आरोप यह है कि गोलमाल में शामिल लोगों को ही जांच कमेटी में भी जगह दे दी गई है।
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जानकारों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बलिया-लखनऊ मार्ग से सरपतहां थाने को जाने वाली सड़क के नवीनीकरण का काम जिला पंचायत ने शुरू किया। उसी दौरान पीडब्लूडी के ठेकेदार ने भी मैटेरियल गिरा दिया। हो-हल्ला हुआ तो निर्माण कार्य रूक किया और जांच बैठा दी गई। जांच का जिम्मा सीडीओ को सौंपा गया। लेकिन चार माह बीत गए। सीडीओ की जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हुई। इसमें भी दोनों विभागों को क्लीनचिट मिलनी तय है। यह तो महज बानगी भर है। देखा जाय तो बड़े पैमाने पर ऐसी खेल हुई है। सर्वाधिक खेल जिला पंचायत की सड़कों में हुआ है। जिस सड़क को जिला पंचायत अपना बताता है। उसी सड़क पर विकासखंड से भी रूपए निकाल लिए गए हैं।
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प्रभारी मंत्री के सामने मामला संज्ञान में आने के बाद जांच बैठा दी गई है। इसमें त्रिस्तरीय जांच कमेटी बनाई गई है। जिसमें आरईएस, जिला पंचायत और पीडब्लूडी के अधिकारियों को रखा गया है। रिपोर्ट आई नहीं है।-अरविंद मल्लपा बंगारी, जिलाधिकारी
कोट--
मड़ियाहूं से मुकुंदपुर सड़क निर्माण खंड पीडब्लूडी की है। इस वजह से इसे गड्ढामुक्त पीडब्लूडी द्वारा किया गया है। जिला पंचायत को टेंडर करने का कोई अधिकार नहीं है।-डीसी गुप्ता, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड
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मड़ियाहूं से मुकुंदपुर सड़क जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर बनवाई गई है। इसका टेंडर वर्ष 2016-17 में हुआ था। जिला पंचायत ने इसका नवीनीकरण कराकर धन खर्च किया है। कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। ऐसे कई मामले हैं जहां ऐसा ही पीडब्लूडी ने जिला पंचायत की सड़कों पर काम किया है।-राहुल सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत