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कालगणना ने मकर संक्रांति को बनाया दो दिवसीय
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:41 AM IST
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मछलीशहर। जिले में अबकी दो दिनों तक मकर संक्रांति मनाई जा रही है। हालांकि ज्योतिषियों के मुताबिक संक्रांति का मान सोमवार को ही है।
सूर्य मकर राशि में 14 जनवरी की रात 7.35 बजे प्रवेश कर गया। उदया तिथि के अनुसार 15 जनवरी सोमवार को मनाई जाएगी। जिले में रविवार को भी धूमधाम से मकर संक्रांति मनाई गई। पं. मुरारी श्याम पांडेय कहते हैं कि मकर राशि के अधिपति शनि हैं जो जो सूर्य के पुत्र हैं। भगवान सूर्य मकर प्रवेश कर अपने ही परिवार में आते है। सूर्य मकर राशि में रविवार की रात्रि में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में त्योहार का मान सोमवार को ही है। पं. जितेंद्र शुक्ल , आनंद कंद ने बताया कि मकर सक्रांति पर्व के बाद सूर्य उत्तरायण हो जाते है। उत्तरायण देवताओं का दिन कहा जाता है। इसके साथ ही एक माह से चल रहा खरमास खत्म हो जाएगा और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। डा. टीपी त्रिपाठी के अनुसार तिल का उपयोग करना विशेष फलदायी माना गया है। तिल, गुड़ मूंग, खिचड़ी आदि पदार्थों का सेवन करना चाहिए। पं. देवीप्रसाद मिश्र उत्तरायण में पुण्य करना चाहिए जबकि ज्योतिषाचार्य शैलेश मोदनवाल के मुताबिक यह सूर्य की उपासना का दिन है।
सूर्य मकर राशि में 14 जनवरी की रात 7.35 बजे प्रवेश कर गया। उदया तिथि के अनुसार 15 जनवरी सोमवार को मनाई जाएगी। जिले में रविवार को भी धूमधाम से मकर संक्रांति मनाई गई। पं. मुरारी श्याम पांडेय कहते हैं कि मकर राशि के अधिपति शनि हैं जो जो सूर्य के पुत्र हैं। भगवान सूर्य मकर प्रवेश कर अपने ही परिवार में आते है। सूर्य मकर राशि में रविवार की रात्रि में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में त्योहार का मान सोमवार को ही है। पं. जितेंद्र शुक्ल , आनंद कंद ने बताया कि मकर सक्रांति पर्व के बाद सूर्य उत्तरायण हो जाते है। उत्तरायण देवताओं का दिन कहा जाता है। इसके साथ ही एक माह से चल रहा खरमास खत्म हो जाएगा और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। डा. टीपी त्रिपाठी के अनुसार तिल का उपयोग करना विशेष फलदायी माना गया है। तिल, गुड़ मूंग, खिचड़ी आदि पदार्थों का सेवन करना चाहिए। पं. देवीप्रसाद मिश्र उत्तरायण में पुण्य करना चाहिए जबकि ज्योतिषाचार्य शैलेश मोदनवाल के मुताबिक यह सूर्य की उपासना का दिन है।