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मां बाप की खिदमत से ईश्वर होता है प्रसन्न
Updated Fri, 12 Jan 2018 01:09 AM IST
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नगर के बेगमगंज स्थित जामिया इमाम जाफर सादिक में दिल्ली के शिया जामा मस्जिद के इमाम मरहूम मौलाना सैयद अली तकवी , समाजसेवी सैयद अली शब्बर , मोलवी मोहम्मद यूसुफ एवं मोलवी यासीन मरहूम की इसाले सवाब की मजलिस हुई । जिसमें मौलाना ने शिरकत कर नजराने अकीदत पेश किया।
इस मौके पर मौलाना कमर हसनैन ने कहा कि आज के दौर में मुसलमान अपने हालात के लिए खुद जिम्मेदार हैं। अगर रसूले पाक की सुन्नतों पर अमल करें तो दुनिया व आखिरत में मुसलमानों का सिर बुलंद होगा। इसलिए हमें अल्लाह के नबी के बताए रास्ते पर चलना चाहिए ।उन्होंने कहा कि इस्लाम की हिफाजत के लिए हजारों कुर्बानियां दी गई। जिसके बाद इस्लाम हम तक पहुंचा है । मौजूदा दौर में मुसलमान के जो हालात हैं उसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। आज का मुसलमान अल्लाह के नबी द्वारा बताए रास्ते से भटकता जा रहा है। हमें अल्लाह व उसके रसूल के बताए नेक रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने मां बाप की खिदमत करने पर भी जोर देते कहा कि इनकी खिदमत करने से अल्लाह खुश होता हैं और जन्नत में मुकाम अता फरमाता है। मौलाना ने मौला-ए-कायनात हजरत अली की भी फजीलत बयान किया। उन्होंने नाना के दीन के लिए इमाम हुसैन द्वारा करबला में दी गई कुर्बानी का भी जिक्र किया। मजलिस में मरसिया ख्वानी समर रजा व हमनवां ने किया । इस मौके पर शिया धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन जैदी , मौलाना फजले मुमताज , सैयद मोहम्मद मुस्तफा , मौलाना हैदर मेहदी , मौलाना अहमद अब्बास , मौलाना जफ़र खान , असग़र हुसैन जैदी , हैदर हुसैन , आरिफ हुसैनी , आक़िफ़ हुसैनी , मौलाना दिलशाद खान आदि के साथ भारी संख्या में लोग मौजूद रहे ।
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इस मौके पर मौलाना कमर हसनैन ने कहा कि आज के दौर में मुसलमान अपने हालात के लिए खुद जिम्मेदार हैं। अगर रसूले पाक की सुन्नतों पर अमल करें तो दुनिया व आखिरत में मुसलमानों का सिर बुलंद होगा। इसलिए हमें अल्लाह के नबी के बताए रास्ते पर चलना चाहिए ।उन्होंने कहा कि इस्लाम की हिफाजत के लिए हजारों कुर्बानियां दी गई। जिसके बाद इस्लाम हम तक पहुंचा है । मौजूदा दौर में मुसलमान के जो हालात हैं उसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। आज का मुसलमान अल्लाह के नबी द्वारा बताए रास्ते से भटकता जा रहा है। हमें अल्लाह व उसके रसूल के बताए नेक रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने मां बाप की खिदमत करने पर भी जोर देते कहा कि इनकी खिदमत करने से अल्लाह खुश होता हैं और जन्नत में मुकाम अता फरमाता है। मौलाना ने मौला-ए-कायनात हजरत अली की भी फजीलत बयान किया। उन्होंने नाना के दीन के लिए इमाम हुसैन द्वारा करबला में दी गई कुर्बानी का भी जिक्र किया। मजलिस में मरसिया ख्वानी समर रजा व हमनवां ने किया । इस मौके पर शिया धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन जैदी , मौलाना फजले मुमताज , सैयद मोहम्मद मुस्तफा , मौलाना हैदर मेहदी , मौलाना अहमद अब्बास , मौलाना जफ़र खान , असग़र हुसैन जैदी , हैदर हुसैन , आरिफ हुसैनी , आक़िफ़ हुसैनी , मौलाना दिलशाद खान आदि के साथ भारी संख्या में लोग मौजूद रहे ।
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