फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   सत्संग से ही मनुष्य में आते हैं सद्वविचार

सत्संग से ही मनुष्य में आते हैं सद्वविचार

Wed, 13 Dec 2017 12:41 AM IST
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:41 AM IST
विज्ञापन
सत्संग से ही मनुष्य में आते हैं सद्वविचार
काशी से आई संत आराधना ने कहा कि सुंदर कांड हमारे जीवन को सुन्दर बनाता है। सुंदर कांड में कपिराज हनुमान की सुन्दर कथा है। जामवंत हनुमान को जगाते हैं कि सीता का पता लगाओ। राम काज लगी तब अवतारा। हे हनुमान तुम्हारा जनम राम कार्य के लिए हुआ है। तुम चुप क्यों हो जाओ और सीता का पता लगाओ।
विज्ञापन

वह क्षेत्र के सरौली गांव निवासी संजय तिवारी के यहां आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी श्री राम कथा के दूसरे दिन भक्तों के बीच प्रवचन कर रही थी। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति का नाम ही सीता है। जो आज खो गई है। इस भारतीय संस्कृति रूपी सिया को पाना है तो समाज के हनुमंतों यानी की नौजवानों को जगाना होगा। समाज से हनुमंतों को जगाने के लिए इस समाज के बूढ़े जामवंतों को आगे आना होगा। तब ही हमारी संस्कृति सुरक्षित हो पाएगी। इसके बाद बाल व्यास शशिकान्त महराज ने राम कथा के प्रथम खंड शिव कथा को सुनाते हुए कहा कि सत्संग से ही विवेक जागृत होती है। शिव और सती दोनों कथा सुनने गए पर शिव ने कथा को सुन लिया तो उन्हें राम दर्शन हुआ। सती ने नहीं सुना तो सामने खड़े भगवान को पहचान नहीं पा रही। महाराज ने कहा कि सती ने भगवान की परीक्षा लेने के लिए सीता का रूप धारण किया, जबकि सती यह भूल गई की परमात्मा परीक्षा का विषय नहीं है। परमात्मा केवल प्रतीक्षा का विषय है। परमात्मा के कृपा की प्रतीक्षा करे ।मंच संचालन आचार्य राममिलन पाठक ने किया । राम कथा में छोटे लाल तिवारी, ओम प्रकाश तिवारी, मुकेश तिवारी, आदर्श, सोनू, रोहित, राधेश्याम, प्रेम आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed