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ईद मिलादुन्नबी मनी
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:42 AM IST
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मुंगराबादशाहपुर में हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिवस जश्ने ईद मिलादुन्नबी धूम धाम से मनाया गया। जलसा पूरे अकीदत के साथ व खुशनुमा माहौल में हुआ। पूरा कस्बा सारी रात नबी नबी से गूंजता रहा।
मछली शहर रोड स्थित डा. मुस्ताक अहमद के मकान के सामने से जुलूस के शक्ल में लोग चले। जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होकर पूरे कस्बे में भ्रमण करते हुए मोहल्ला सराय में पहुंच कर समाप्त हुआ। जूलूस के आगे अंजुमन दीनी, मंसूरी, मोहेब बानेअशरफ सहित स्थानीय और बाहरी कमेटियों द्धारा पढ़ी गई हजरत मोहम्मद साहब के शान शौकत में नात से पूरा नगर नबी मय हो गया। जगह-जगह बने स्टाल पर जलसे में शिरकत करपने वाली अंजुमनों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंजुमन हुसैनिया टीम द्वारा पेश नात आज नबी के तशरीफ लाने से धरती बनी दुल्हन, पर खूब तवज्जो हासिल हुई। उनका करतल ध्वनि के साथ लोगों ने हौसला आफजाई की। अन्य अंजुमनों द्वारा पढ़े गये दिल छूने वाले नात की लोगों ने खूब तारीफ किया। तस्समुल हक बन्ने खां द्वारा पेश नात हाथ में हो इस्लाम का परचम, होंठों पर हो कुरान मुस्लमा आगे बढ़ो, जलसे में समां बिखेर दिया। पूरे नगर को विद्युत झालरों से सजाया गया था। जगह-जगह आकर्षक गेट बनाए गए थे। इस्लाम धर्म के प्रवर्तक तथा आखिरी पैगम्बर मोहम्मद हज़रत साहब का भाईचारे व इंसानियत का संदेश अमन चैन के लिए दर्शाया गया था।
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मछली शहर रोड स्थित डा. मुस्ताक अहमद के मकान के सामने से जुलूस के शक्ल में लोग चले। जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होकर पूरे कस्बे में भ्रमण करते हुए मोहल्ला सराय में पहुंच कर समाप्त हुआ। जूलूस के आगे अंजुमन दीनी, मंसूरी, मोहेब बानेअशरफ सहित स्थानीय और बाहरी कमेटियों द्धारा पढ़ी गई हजरत मोहम्मद साहब के शान शौकत में नात से पूरा नगर नबी मय हो गया। जगह-जगह बने स्टाल पर जलसे में शिरकत करपने वाली अंजुमनों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंजुमन हुसैनिया टीम द्वारा पेश नात आज नबी के तशरीफ लाने से धरती बनी दुल्हन, पर खूब तवज्जो हासिल हुई। उनका करतल ध्वनि के साथ लोगों ने हौसला आफजाई की। अन्य अंजुमनों द्वारा पढ़े गये दिल छूने वाले नात की लोगों ने खूब तारीफ किया। तस्समुल हक बन्ने खां द्वारा पेश नात हाथ में हो इस्लाम का परचम, होंठों पर हो कुरान मुस्लमा आगे बढ़ो, जलसे में समां बिखेर दिया। पूरे नगर को विद्युत झालरों से सजाया गया था। जगह-जगह आकर्षक गेट बनाए गए थे। इस्लाम धर्म के प्रवर्तक तथा आखिरी पैगम्बर मोहम्मद हज़रत साहब का भाईचारे व इंसानियत का संदेश अमन चैन के लिए दर्शाया गया था।
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