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डाक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:14 AM IST
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प्रधान डाकघर परिसर में मांगों को लेकर धरना देते डाककर्मी
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जौनपुर। डाक घर की लघु बचत योजना बैंकों को सौंपने समेत सरकार की कई नीतियों के विरोध में आंदोलित डाक कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रधान डाकघर पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे बेमियादी हड़ताल पर जाने के लिए विवश होंगे। डाककर्मियों ने प्रधान मंत्री को संबोधित पत्रक डाक अधीक्षक को सौंपा।
अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के आह्वान पर दो दिवसीय आंदोलन के पहले दिन डाक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। प्रधान डाकघर पर कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया। धरना सभा को संबोधित करते हुए मंडलीय सचिव रामउजागिर यादव ने कहा कि सभी संवर्गों में तमाम पद खाली पड़े हैं लेकिन सरकार उनपर नई भर्ती करने से कतरा रही है। मामूली मानदेय पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से किसी तरह विभाग का काम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई योजना के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 20 दिसंबर को परिमंडल कार्यालय पर धरना प्रदर्शन की तैयारी की गई है। 12 से 16 फरवरी तक संसद भवन के सामने पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन होगा। बात नहीं बनी तो फिर अनिश्चित कालीन हड़ताल होगी। राजेश कुमार सिंह, हरिशंकर यादव ने भी धरना सभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रक में कहा गया है कि आउटसोर्सिंग, निजीकरण औद्योगीकरणऔर नई योजना के नाम पर कर्मचारियों का शोषण बंद करने की मांग की गई है। साथ ही सभी संवर्ग में कैडर, रीस्ट्रक्चरिंग योजना को लागू करने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, पांच दिन का कार्यदिवस लागू करने की भी मांग की गई है। डाक कर्मचारियों ने डाकघर की लघु बचत योजना को बैंकों को सौंपने का विरोध किया।
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अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के आह्वान पर दो दिवसीय आंदोलन के पहले दिन डाक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। प्रधान डाकघर पर कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया। धरना सभा को संबोधित करते हुए मंडलीय सचिव रामउजागिर यादव ने कहा कि सभी संवर्गों में तमाम पद खाली पड़े हैं लेकिन सरकार उनपर नई भर्ती करने से कतरा रही है। मामूली मानदेय पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से किसी तरह विभाग का काम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई योजना के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 20 दिसंबर को परिमंडल कार्यालय पर धरना प्रदर्शन की तैयारी की गई है। 12 से 16 फरवरी तक संसद भवन के सामने पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन होगा। बात नहीं बनी तो फिर अनिश्चित कालीन हड़ताल होगी। राजेश कुमार सिंह, हरिशंकर यादव ने भी धरना सभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रक में कहा गया है कि आउटसोर्सिंग, निजीकरण औद्योगीकरणऔर नई योजना के नाम पर कर्मचारियों का शोषण बंद करने की मांग की गई है। साथ ही सभी संवर्ग में कैडर, रीस्ट्रक्चरिंग योजना को लागू करने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, पांच दिन का कार्यदिवस लागू करने की भी मांग की गई है। डाक कर्मचारियों ने डाकघर की लघु बचत योजना को बैंकों को सौंपने का विरोध किया।
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