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छोटी सी लापरवाही जीवन के लिए होती है घातक
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:50 AM IST
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स्कूली बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
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जलालपुर। बयालसी इंटर कालेज में यातायात जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। थानाध्यक्ष तहसीलदार सिंह व ट्रैफिक इंस्पेक्टर शिव बदन यादव ने बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि रोड पर चलते समय दाएं और बाएं का ध्यान रखे। जब भी रोड पर निकले तो बाएं से चले । आत्म सुरक्षा के लिए पुलिस को सूचना दे। वाहन चलाते समय नियमों का पालन करते हुए निर्धारित स्पीड से अधिक वाहन न चलाने की सलाह दी।
कहा कि बच्चों को स्कूल से निकलने समय व सड़क पर झुंड बनाकर अथवा दौड़ते हुए नहीं चलना चाहिए। इससे बच्चे वाहनों की चपेट में आकर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। बच्चों को सड़क के दोनों तरफ देखने के बाद ही आराम से उसे पार करना चाहिए। इसके अलावा स्कूल प्रशासन को विद्यालय में पार्किंग का पर्याप्त इंतजाम करने, स्कूल वाहन में सीटों से अधिक बच्चों को न बैठाने, अनुभवी व विश्वसनीय व्यक्ति को ही वाहन चालक बनाने, वाहन में अग्निरोधक यंत्र व प्राथमिक उपचार की किट हमेशा रखने एवं समय-समय पर वाहनों के फिटनेस की जांच कराने का निर्देश भी दिया। टीएस आई शिव बदन ने कहा कि जीवन अमूल्य है। जिसका कोई मोल नहीं हैं। बाइक चलाते समय यातायात नियमों का ध्यान रखना चाहिए। हेल्टमेट का प्रयोग करें ,मोटर साइकिल व कार चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें। उन्होनें कहा कि सडक दुर्घटना में अधिकतर मौते 18 से 35 वर्ष के युवकों की हो रही है। जो अत्यन्त ही चिंता जनक है। राय ने कहा कि बिना किसी ट्रैफिक सिपाही के ही हम सब को संडक पर वाहन चलाते समय अनुशासित रहना चाहिए। प्रधानाचार्य डा. शेलेन्द्र कुमार सिंह ने आभार ज्ञापन किया।
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कहा कि बच्चों को स्कूल से निकलने समय व सड़क पर झुंड बनाकर अथवा दौड़ते हुए नहीं चलना चाहिए। इससे बच्चे वाहनों की चपेट में आकर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। बच्चों को सड़क के दोनों तरफ देखने के बाद ही आराम से उसे पार करना चाहिए। इसके अलावा स्कूल प्रशासन को विद्यालय में पार्किंग का पर्याप्त इंतजाम करने, स्कूल वाहन में सीटों से अधिक बच्चों को न बैठाने, अनुभवी व विश्वसनीय व्यक्ति को ही वाहन चालक बनाने, वाहन में अग्निरोधक यंत्र व प्राथमिक उपचार की किट हमेशा रखने एवं समय-समय पर वाहनों के फिटनेस की जांच कराने का निर्देश भी दिया। टीएस आई शिव बदन ने कहा कि जीवन अमूल्य है। जिसका कोई मोल नहीं हैं। बाइक चलाते समय यातायात नियमों का ध्यान रखना चाहिए। हेल्टमेट का प्रयोग करें ,मोटर साइकिल व कार चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें। उन्होनें कहा कि सडक दुर्घटना में अधिकतर मौते 18 से 35 वर्ष के युवकों की हो रही है। जो अत्यन्त ही चिंता जनक है। राय ने कहा कि बिना किसी ट्रैफिक सिपाही के ही हम सब को संडक पर वाहन चलाते समय अनुशासित रहना चाहिए। प्रधानाचार्य डा. शेलेन्द्र कुमार सिंह ने आभार ज्ञापन किया।
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