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अच्छाइयों को पहचान कर स्वयं पर लागू करें शिक्षक
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:50 PM IST
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के समापन पर मौजूद शिक्षक
जौनपुर। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. डा. अमरेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षक समाज की अच्छाइयों को पहचाने और उसे स्वयं पर लागू करें। उन्होंने दूसरे के प्रति व्यवहार एवं स्त्री-पुरुष के भावनात्मक संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान में चल रही तीन दिवसीय कार्यशाला के समापन पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में बच्चों को मनोविज्ञान की शिक्षा देने की आवश्यकता है। ताकि उसमें मैत्री, करुणा और दया की भावना उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोगों की मानसिकता धन अर्जित करने की हो गई है जिसके फलस्वरुप भारत की संस्कृति का अधोपतन हो रहा है। इस पर आज के परिवेश में चिंतन करने की आवश्यकता है। संकाय के डीन प्रो. बीबी तिवारी एवं डा. रजनीश भास्कर ने अतिथियों को स्मृति चिंह भेंट किया। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यशाला में डा. अमरेंद्र सिंह, डा. यूआर प्रजापति, डा. प्रवीण सिंह, शैलेश प्रजापति,डा. सुधीर सिंह, जया शुक्ला समेत इंजीनियरिंग के शिक्षक मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में बच्चों को मनोविज्ञान की शिक्षा देने की आवश्यकता है। ताकि उसमें मैत्री, करुणा और दया की भावना उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोगों की मानसिकता धन अर्जित करने की हो गई है जिसके फलस्वरुप भारत की संस्कृति का अधोपतन हो रहा है। इस पर आज के परिवेश में चिंतन करने की आवश्यकता है। संकाय के डीन प्रो. बीबी तिवारी एवं डा. रजनीश भास्कर ने अतिथियों को स्मृति चिंह भेंट किया। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यशाला में डा. अमरेंद्र सिंह, डा. यूआर प्रजापति, डा. प्रवीण सिंह, शैलेश प्रजापति,डा. सुधीर सिंह, जया शुक्ला समेत इंजीनियरिंग के शिक्षक मौजूद रहे।
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