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बेटी का शव देख अचेत हुई मां
Updated Mon, 09 Oct 2017 12:27 AM IST
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पूजा की मौत से नाराज ग्रामीणों को समझाते एसपी ग्रामीण संजय राय
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घनश्यामपुर। पूजा उर्फ गुड़िया को क्या पता था कि जिस पति के दीर्घायु की मंगल कामना के लिए वह करवाचौथ के व्रत की तैयारी में शनिवार से ही लगी है वही पति उसकी उसकी जान का दुश्मन बन बैठेगा।
करवाचौथ की पूजा के लिए मायके से उसके भाइयों ने जरूरत की वस्तुएं शनिवार को ही उसके पास पहुंचा दी थी। वह व्रत की तैयारी में लगी थी। इसी बीच रात में ही पूजा उर्फ गुड़िया की हत्या कर दी गई। बेखौफ हत्यारे उसका शव उसके मायके ग्राम गजहरमऊ में कृष्णा उपाध्याय के पंपिंग सेट के सामने फेंक कर चले गए । पिता बद्रीनारायण उपाध्याय की मौत के बाद बहन पूजा की शादी की जिम्मेदारी उसके चार भाइयों कन्हैया ,संजय ,राजेश तथा वृजेश थी। तंगहाली के बावजूद भी भाइयों ने बहन पूजा की शादी 18 जून वर्ष 2011 को बदलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिठुआकला भूसी का पूरा निवासी अरविंद त्रिगुनायत से की थी। पूजा दस दिन ही अपनी ससुराल में रही कि उस पर ससुरालियों ने दहेज के लिए उसकी प्रताड़ना शुरू कर दी। इसी बीच उसके पति ने दहेज की मांग पूरी होने तक के लिए पूजा को इस शर्त पर मायके छोड़ दिया। यह मामला तब से न्यायालय में चलता रहा। न्यायालय के आदेश पर विवाहिता पूजा को उसके पति अरविंद त्रिगुनायत ने स्वीकार कर अपने नर्सिंग होम पर रख लिया था। पूजा उर्फ गुड़िया का शव देखते ही उसकी शालीनता का जिक्र करते हुए गांव के सभी पुरुष महिला तथा बच्चों की आंखें नम हो गईं । माता गुलाबी देवी बेटी का शव देखते ही सुध बुध खो बैठीं।
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करवाचौथ की पूजा के लिए मायके से उसके भाइयों ने जरूरत की वस्तुएं शनिवार को ही उसके पास पहुंचा दी थी। वह व्रत की तैयारी में लगी थी। इसी बीच रात में ही पूजा उर्फ गुड़िया की हत्या कर दी गई। बेखौफ हत्यारे उसका शव उसके मायके ग्राम गजहरमऊ में कृष्णा उपाध्याय के पंपिंग सेट के सामने फेंक कर चले गए । पिता बद्रीनारायण उपाध्याय की मौत के बाद बहन पूजा की शादी की जिम्मेदारी उसके चार भाइयों कन्हैया ,संजय ,राजेश तथा वृजेश थी। तंगहाली के बावजूद भी भाइयों ने बहन पूजा की शादी 18 जून वर्ष 2011 को बदलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिठुआकला भूसी का पूरा निवासी अरविंद त्रिगुनायत से की थी। पूजा दस दिन ही अपनी ससुराल में रही कि उस पर ससुरालियों ने दहेज के लिए उसकी प्रताड़ना शुरू कर दी। इसी बीच उसके पति ने दहेज की मांग पूरी होने तक के लिए पूजा को इस शर्त पर मायके छोड़ दिया। यह मामला तब से न्यायालय में चलता रहा। न्यायालय के आदेश पर विवाहिता पूजा को उसके पति अरविंद त्रिगुनायत ने स्वीकार कर अपने नर्सिंग होम पर रख लिया था। पूजा उर्फ गुड़िया का शव देखते ही उसकी शालीनता का जिक्र करते हुए गांव के सभी पुरुष महिला तथा बच्चों की आंखें नम हो गईं । माता गुलाबी देवी बेटी का शव देखते ही सुध बुध खो बैठीं।
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