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तार के नीचे बना दिए गए पूजा पंडाल
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:41 AM IST
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विद्युत तार के नीचे सजा पूजा पंडाल
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जौनपुर। जिले में दुर्गा पूजा पंडालों को बनाने में सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर दिया गया है। शहर में कई स्थानों पर बिजली के नंगे तार के नीचे पूजा पंडाल बना दिए गए हैं। ऐसे में शार्टसर्किट होने की स्थिति में बड़ी घटना होने की आशंका जताई जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो तत्काल रोकथाम कर पाना चुनौती साबित होगी।
इन दिनों शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दुर्गा पूजा की धूम है। जगह जगह आकर्षक पूजा पंडाल सजाए गए हैं। पूजा पंडालों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। भले ही अग्निशमन और बिजली विभाग की ओर से पूजा पंडाल के निर्माण में कई मानक निर्धारित किए गए हैं, लेकिन कई पूजा समितियों की ओर से मानकों का शत प्रतिशत पालन नहीं किया गया है। कहीं तार के नीचे तो कहीं बिजली के पोल के सहारे ही पंडाल बना दिया गया है। जिले में शहर से लेकर गांव तक 521 पूजा पंडाल बनाए गए हैं। कई पूजा पंडालों में निर्धारित मानकों का पालन ही नहीं किया जा रहा है। पूजा पंडाल में प्रवेश व निकास द्वार अलग अलग नहीं बनाए गए हैं। बिजली के नंगे तारों के नीचे पूजा पंडाल बना दिया गया है। ऐसे में मेले के दौरान शार्ट सर्किट से आगजनी की घटना हुई तो उसपर तत्काल काबू पानी प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। नगर में फलवाली गली, जोगियापुर, परमानतपुर आदि मोहल्लों में पूजा पंडाल बिजली के नंगे तार के नीचे बनाए गए हैं। फलवाली गली में तो पंडाल के पास ही बड़ा ट्रांसफार्मर भी स्थित है। कलीचाबाद में पूजा समिति के लोगों ने तो पूजा पंडाल को बिजली के पोल से ही लगाकर बना दिया गया है। यहां पंडाल पोल के सहारे ही खड़ा है।
पूजा पंडालों के निर्माण में बिजली विभाग की ओर से मानक निर्धारित है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता एससी सिसौदिया का कहना है कि पूजा समिति की ओर से अस्थायी बिजली कनेक्शन लेना होता है। हालांकि कनेक्शन देने से पहले मानक की जांच होती है। बिजली तार के नीचे पूजा पंडाल नहीं होना चाहिए।
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इन दिनों शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दुर्गा पूजा की धूम है। जगह जगह आकर्षक पूजा पंडाल सजाए गए हैं। पूजा पंडालों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। भले ही अग्निशमन और बिजली विभाग की ओर से पूजा पंडाल के निर्माण में कई मानक निर्धारित किए गए हैं, लेकिन कई पूजा समितियों की ओर से मानकों का शत प्रतिशत पालन नहीं किया गया है। कहीं तार के नीचे तो कहीं बिजली के पोल के सहारे ही पंडाल बना दिया गया है। जिले में शहर से लेकर गांव तक 521 पूजा पंडाल बनाए गए हैं। कई पूजा पंडालों में निर्धारित मानकों का पालन ही नहीं किया जा रहा है। पूजा पंडाल में प्रवेश व निकास द्वार अलग अलग नहीं बनाए गए हैं। बिजली के नंगे तारों के नीचे पूजा पंडाल बना दिया गया है। ऐसे में मेले के दौरान शार्ट सर्किट से आगजनी की घटना हुई तो उसपर तत्काल काबू पानी प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। नगर में फलवाली गली, जोगियापुर, परमानतपुर आदि मोहल्लों में पूजा पंडाल बिजली के नंगे तार के नीचे बनाए गए हैं। फलवाली गली में तो पंडाल के पास ही बड़ा ट्रांसफार्मर भी स्थित है। कलीचाबाद में पूजा समिति के लोगों ने तो पूजा पंडाल को बिजली के पोल से ही लगाकर बना दिया गया है। यहां पंडाल पोल के सहारे ही खड़ा है।
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पूजा पंडालों के निर्माण में बिजली विभाग की ओर से मानक निर्धारित है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता एससी सिसौदिया का कहना है कि पूजा समिति की ओर से अस्थायी बिजली कनेक्शन लेना होता है। हालांकि कनेक्शन देने से पहले मानक की जांच होती है। बिजली तार के नीचे पूजा पंडाल नहीं होना चाहिए।
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