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पिया मेहदी लिया द मोतीझील से, जाइके साइकिल से ना
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:15 AM IST
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खुटहन। पंडित दीन दयाल उपाध्याय बालिका इंटर कालेज में आयोजित कजरी महोत्सव में गायकों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित देश गीतों की ऐसा शमा बांधा कि श्रोता रातभर जमे रहे।
भोजपुरी गायक मंतोष पाण्डेय ने पिया मेहंदी लिया द मोती झील से, जाइके साइकिल से ना तथा घर पे बरसत होइ है पनिया, ओनकर भीगत होइ है कजरा, रहिया देखत होइहै ना, सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी।
गायक रामजी मिश्रा ने, बसिया बाज रही बृन्दावन, टूटल शिव शंकर का ध्यान तथा अरे रामा गोकुल का रहने वाला कन्हैया बड़ा रारी रे हरीऽ सुनाकर साबनी मौसम की यादव को ताजा कर दिया। प्रज्ञा चक्षु देशज गीतों के प्रसिद्ध गायक बजरंगी सिंह ने - हरिहर वैद्य बने गोपाला, नंद के लाला रे हरी तथा लछिमन कहां जानकी होइहै, ऐसी विकट अधेंरिया में, सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। मुख्य अतिथि बदलापुर बिधायक रमेश मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति पूरे विश्व के लिए आदर्श है। हम भौतिक संसाधनों की चकाचौंध में अपने संस्कारो से कुछ बिमुख हो रहे है। जिसे बचाना, सहेजना और अगली पीढ़ी तक हस्तान्तरित करना यह हम सबकी जिम्मेदारी है। महोत्सव को बिशिष्ट अतिथि कांग्रेसी नेता रामचंद्र मिश्रा, ब्रह्मानंद ओझा, कमला तिवारी, सत्यनारायण पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस मौके पर राजन मिश्रा, संतोष मिश्रा, नरसिंह बहादुर सिंह, टंकू बाबा, रिन्कू मिश्रा, राजेश मिश्रा, शशिधर शर्मा, समर बहादुर यादव, अजीत यादव, अजय यादव प्रधान, प्रदीप यादव, संजय आदि मौजूद रहे। संचालन राकेश मिश्रा ने किया। प्रधान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कृष्ण पांडेय ने आभार प्रकट किया।
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भोजपुरी गायक मंतोष पाण्डेय ने पिया मेहंदी लिया द मोती झील से, जाइके साइकिल से ना तथा घर पे बरसत होइ है पनिया, ओनकर भीगत होइ है कजरा, रहिया देखत होइहै ना, सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी।
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गायक रामजी मिश्रा ने, बसिया बाज रही बृन्दावन, टूटल शिव शंकर का ध्यान तथा अरे रामा गोकुल का रहने वाला कन्हैया बड़ा रारी रे हरीऽ सुनाकर साबनी मौसम की यादव को ताजा कर दिया। प्रज्ञा चक्षु देशज गीतों के प्रसिद्ध गायक बजरंगी सिंह ने - हरिहर वैद्य बने गोपाला, नंद के लाला रे हरी तथा लछिमन कहां जानकी होइहै, ऐसी विकट अधेंरिया में, सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। मुख्य अतिथि बदलापुर बिधायक रमेश मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति पूरे विश्व के लिए आदर्श है। हम भौतिक संसाधनों की चकाचौंध में अपने संस्कारो से कुछ बिमुख हो रहे है। जिसे बचाना, सहेजना और अगली पीढ़ी तक हस्तान्तरित करना यह हम सबकी जिम्मेदारी है। महोत्सव को बिशिष्ट अतिथि कांग्रेसी नेता रामचंद्र मिश्रा, ब्रह्मानंद ओझा, कमला तिवारी, सत्यनारायण पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस मौके पर राजन मिश्रा, संतोष मिश्रा, नरसिंह बहादुर सिंह, टंकू बाबा, रिन्कू मिश्रा, राजेश मिश्रा, शशिधर शर्मा, समर बहादुर यादव, अजीत यादव, अजय यादव प्रधान, प्रदीप यादव, संजय आदि मौजूद रहे। संचालन राकेश मिश्रा ने किया। प्रधान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कृष्ण पांडेय ने आभार प्रकट किया।
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