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बीएसए कार्यालय में तालाबंद कर शिक्षामित्रों ने दिया धरना
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:32 AM IST
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जौनपुर। प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित दस हजार रुपये मानदेय से नाराज शिक्षामित्रों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ताला बंदी कर धरना दिया। इससे कार्यालय में मौजूद अधिकारी एवं कर्मचारी दो घंटे तक बंद थे। बीएसए और कर्मचारियों के मान मनौव्वल पर ताला खुला। शिक्षामित्रों ने सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय को सिरे से खारिज किया।
शिक्षामित्र संघ के बैनर तले जिलाध्यक्ष संदीप यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में महिला और पुरुष शिक्षामित्र बुधवार को सुबह दस बजे ही बीएसए कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय के मुख्य चैनल गेट पर ताला बंद कर दिया। इससे कार्यालय में काम कर रहे कई कर्मचारी अंदर ही बंद हो गए। जबकि गेट में तालाबंद कर शिक्षामित्र धरने पर बैठ गए। इस दौरान शिक्षामित्रों ने अपनी मांग के समर्थन में खूब नारेबाजी की। चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांग को नजरअंदाज किया तो वे आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। धरना सभा की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष संदीप यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के प्रति गंभीर नहीं है और न ही कोई सहानुभूति है। सरकार की ओर से निर्धारित मानदेय से गुजारा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अपने फैसले पर सरकार ने फिर से विचार नहीं किया तो शिक्षामित्र आंदोलन को तेज करेंगे। उधर, करीब दो घंटे के बाद बीएसए और कर्मचारियों के अनुरोध पर शिक्षामित्रों ने गेट का ताला खोला। तब कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। इस मौके पर अजय कुमार, राजेश गौतम, अरविंद सिंह, पूनम शुक्ला, विवेक कुमार, सत्यप्रकाश समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद थे।
शिक्षामित्र संघ के बैनर तले जिलाध्यक्ष संदीप यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में महिला और पुरुष शिक्षामित्र बुधवार को सुबह दस बजे ही बीएसए कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय के मुख्य चैनल गेट पर ताला बंद कर दिया। इससे कार्यालय में काम कर रहे कई कर्मचारी अंदर ही बंद हो गए। जबकि गेट में तालाबंद कर शिक्षामित्र धरने पर बैठ गए। इस दौरान शिक्षामित्रों ने अपनी मांग के समर्थन में खूब नारेबाजी की। चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांग को नजरअंदाज किया तो वे आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। धरना सभा की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष संदीप यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के प्रति गंभीर नहीं है और न ही कोई सहानुभूति है। सरकार की ओर से निर्धारित मानदेय से गुजारा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अपने फैसले पर सरकार ने फिर से विचार नहीं किया तो शिक्षामित्र आंदोलन को तेज करेंगे। उधर, करीब दो घंटे के बाद बीएसए और कर्मचारियों के अनुरोध पर शिक्षामित्रों ने गेट का ताला खोला। तब कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। इस मौके पर अजय कुमार, राजेश गौतम, अरविंद सिंह, पूनम शुक्ला, विवेक कुमार, सत्यप्रकाश समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद थे।
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