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मछलीशहर को नही मिल सका नगरपालिका का दर्जा
Updated Sat, 26 Aug 2017 12:48 AM IST
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जौनपुर। मछलीशहर को टाउन एरिया का दर्जा प्राप्त हुए तकरीबन 64 साल का एक लंबा समय बीत गया मगर छह दशक से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी नगरपालिका का दर्जा नही प्राप्त हो सका है।
20 जुलाई 1953 को मछलीशहर को टाउन एरिया घोषित किया गया। उस समय लोकप्रियता के आधार पर कलीम अंसारी को प्रथम चेयरमैन बनने का मौका मिला। वर्तमान समय में नगर पंचायत मछलीशहर की जनसंख्या 26 हजार से अधिक है। कुल 15 वार्ड है। इसी तहसील अंर्तगत मुंगरा बादशाह पुर को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्राप्त हैं। जबकि मछलीशहर तहसील मुख्यालय होने तथा पुरानी टाउन एरिया होने के बाबजूद अभी तक यह नगर पंचायत ही है। यहां के नागरिक विकास को पसंद करते है। चुनाव में बार बार अपना प्रतिनिधि न बदल कर विकास का वादा लेकर पुन: प्रतिनिधित्व करने का अवसर देते है। यही कारण है कि 2000 से एक ही व्यक्ति चेयरमैन की कुर्सी पर विराजमान है। नगर पंचायत द्वारा विस्तार करके इसे नगर पालिका बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन शासन से स्वीकृति न मिलने के कारण मामला अधर में लटक गया। हालांकि वर्तमान आबादी वाली जिले की एक नगर पंचायत को नगर पालिका बनाए जाने का राजनैतिक लोगों ने भरोसा दिलाया है। नगर पंचायत का विस्तार न होने से विकास भी बाधित है। अधिशासी अधिकारी धीरज सिंह का कहना है कि शासन को डीएम के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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20 जुलाई 1953 को मछलीशहर को टाउन एरिया घोषित किया गया। उस समय लोकप्रियता के आधार पर कलीम अंसारी को प्रथम चेयरमैन बनने का मौका मिला। वर्तमान समय में नगर पंचायत मछलीशहर की जनसंख्या 26 हजार से अधिक है। कुल 15 वार्ड है। इसी तहसील अंर्तगत मुंगरा बादशाह पुर को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्राप्त हैं। जबकि मछलीशहर तहसील मुख्यालय होने तथा पुरानी टाउन एरिया होने के बाबजूद अभी तक यह नगर पंचायत ही है। यहां के नागरिक विकास को पसंद करते है। चुनाव में बार बार अपना प्रतिनिधि न बदल कर विकास का वादा लेकर पुन: प्रतिनिधित्व करने का अवसर देते है। यही कारण है कि 2000 से एक ही व्यक्ति चेयरमैन की कुर्सी पर विराजमान है। नगर पंचायत द्वारा विस्तार करके इसे नगर पालिका बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन शासन से स्वीकृति न मिलने के कारण मामला अधर में लटक गया। हालांकि वर्तमान आबादी वाली जिले की एक नगर पंचायत को नगर पालिका बनाए जाने का राजनैतिक लोगों ने भरोसा दिलाया है। नगर पंचायत का विस्तार न होने से विकास भी बाधित है। अधिशासी अधिकारी धीरज सिंह का कहना है कि शासन को डीएम के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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